NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने की नई नियुक्तियां, CBI ने की बड़ी कार्रवाई
NEET-UG पेपर लीक पर देशभर में विरोध
नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक की घटना ने पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। छात्र संगठनों और लाखों परीक्षार्थियों ने NTA की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरने जारी हैं। इस बीच, केंद्र सरकार ने शनिवार को NTA में दो नए संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की है।
नई नियुक्तियों का विवरण
कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, अनुजा बापट और रुचिता विज को पांच वर्षों के लिए संयुक्त सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को संयुक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच के चलते इन नियुक्तियों को एजेंसी की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
नए अधिकारियों की प्रोफाइल
अनुजा बापट भारतीय सांख्यिकी सेवा की 1998 बैच की अधिकारी हैं, जबकि रुचिता विज भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) की 2004 बैच की अधिकारी हैं। दोनों को नई जिम्मेदारियों के लिए पांच साल का कार्यकाल दिया गया है। आकाश जैन भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) से जुड़े हैं, जबकि आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा के अधिकारी हैं।
सीबीआई की कार्रवाई
सीबीआई ने इस मामले में पुणे की वरिष्ठ वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि वह 'पेपर लीक की मुख्य साजिशकर्ता' थीं और जीव विज्ञान के प्रश्नपत्र लीक की मास्टरमाइंड मानी जा रही हैं। मंधारे को NTA द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा प्रक्रिया में विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया था, जिससे उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली थी।
गिरफ्तारियों का सिलसिला
अब तक इस पेपर लीक मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने 'पेपर लीक के सरगना' पी.वी. कुलकर्णी के दो सहयोगियों की तलाश तेज कर दी है और पुणे तथा लातूर में लगातार छापेमारी कर रही है।