NEET परीक्षा प्रणाली में बदलाव: पेपर लीक के बाद नई सुरक्षा उपायों की योजना
नई सुरक्षा उपायों की तैयारी
नई दिल्ली - मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के पेपर लीक विवाद के बाद, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) अपनी परीक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार करने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और गोपनीय बनाने के लिए एक नया तंत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें प्रश्न तैयार करने वाले विशेषज्ञों को यह नहीं बताया जाएगा कि उनके द्वारा बनाए गए प्रश्न किस परीक्षा में उपयोग होंगे।
पुनर्परीक्षा की तिथि
3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी, और अब इसकी पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस घटना ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके चलते एजेंसी परीक्षा सुरक्षा के नए उपायों पर विचार कर रही है।
नए सिस्टम की कार्यप्रणाली
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
नए प्रस्तावित तंत्र के अनुसार, विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों से केवल प्रश्न तैयार करवाए जाएंगे। उन्हें यह नहीं बताया जाएगा कि उनके प्रश्न नीट, जेईई या किसी अन्य राष्ट्रीय परीक्षा के लिए उपयोग किए जाएंगे। सभी प्रश्नों को एक केंद्रीय डिजिटल प्रश्न बैंक में संग्रहीत किया जाएगा।
फिर, अंतिम प्रश्नपत्र इसी विशाल डेटाबेस से चयनित प्रश्नों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इससे फाइनल पेपर की जानकारी केवल कुछ ही लोगों तक सीमित रहेगी, जिससे पेपर लीक की संभावनाएं कम हो जाएंगी।
पेपर लीक की जांच
पेपर लीक मामले ने बढ़ाई चिंता
नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कई अनुवादक और विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी गोपनीय जानकारी प्रारंभिक चरण में ही लीक हुई थी। विशेषज्ञों की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा प्रणाली में मानव हस्तक्षेप को कम करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मानव हस्तक्षेप को कम करने की आवश्यकता
मानवीय हस्तक्षेप घटाने पर जोर
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार, समस्या केवल प्रश्नपत्र या कागज की नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की संरचना से जुड़ी है। इसलिए एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो और सुरक्षा मानकों के साथ कोई समझौता न किया जाए। सरकार परीक्षा प्रक्रिया में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने पर जोर दे रही है।
विशाल प्रश्न बैंक का निर्माण
10 हजार प्रश्नों का बन सकता है डेटाबेस
अधिकारियों के अनुसार, एनटीए विभिन्न विषयों के हजारों प्रश्नों का एक बड़ा संग्रह तैयार करने की योजना बना रही है। प्रारंभिक योजना के अनुसार, लगभग 10 हजार या उससे अधिक प्रश्नों का केंद्रीय डेटाबेस बनाया जा सकता है। किसी भी परीक्षा का अंतिम प्रश्नपत्र इसी संग्रह से चयनित प्रश्नों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल लागू होता है, तो परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता बढ़ेगी, प्रश्नपत्र तक पहुंच रखने वाले लोगों की संख्या कम होगी, और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।