NEET पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन: दिल्ली में बढ़ा विवाद, CRPF ने शुरू की जांच
दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
नई दिल्ली: NEET परीक्षा के पेपर लीक के मामले में दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब एक गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग, लाठीचार्ज और कथित तौर पर पेलेट गन चलाने के आरोपों के चलते रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।
CRPF ने जांच के आदेश दिए
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने अपने विशेष दंगा-रोधी बल RAF के महानिरीक्षक को दिल्ली में हुई घटनाओं की जांच करने का निर्देश दिया है। इसमें प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की भी जांच की जाएगी। CRPF के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक औपचारिक 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' (CoI) का आदेश नहीं दिया गया है। प्रारंभिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
'चलो संसद' मार्च से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद 20 जुलाई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च से शुरू हुआ। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ते हुए छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें RAF के जवान लाठीचार्ज करते हुए नजर आए।
बल के अधिकारियों की प्रतिक्रिया
बल के अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो फुटेज की गहन समीक्षा की जा रही है, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा RAF जवानों पर हमला करते हुए देखा गया है। इसके अलावा, एक अधिकारी द्वारा प्रदर्शनकारी को गिराने और शॉक-एमिटिंग उपकरण के इस्तेमाल से संबंधित वीडियो की भी जांच की जा रही है।
पेलेट गन के उपयोग के नियम
CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि RAF के दंगा-रोधी उपकरणों में 12-बोर की पंप-एक्शन पेलेट गन शामिल है, जिसका उपयोग केवल गंभीर परिस्थितियों में किया जा सकता है। SOP के अनुसार, पेलेट गन में डिफ्लेक्टर का उपयोग अनिवार्य है ताकि चोटें सीमित रहें।
छात्रों का अस्पताल में भर्ती होना
20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद कम से कम दो छात्रों को पेलेट की चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन के इस्तेमाल से इनकार किया है, जबकि CRPF या RAF ने आधिकारिक रूप से गोलीबारी की बात स्वीकार नहीं की है।
सोशल मीडिया दिशानिर्देशों का उल्लंघन
बढ़ते विवाद को देखते हुए CRPF ने RAF और अन्य इकाइयों के कमांडरों को मीडिया से बात न करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, RAF की सहायक कमांडेंट सोनिया सहरावत द्वारा इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट की भी समीक्षा की जा रही है।
राहुल गांधी का बयान
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक घायल छात्र को मीडिया के सामने पेश कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे इस छात्र को पेलेट गन से निशाना बनाया गया, जिससे उसकी एक आंख की रोशनी चली गई है।
छात्र को गंभीर चोटें आईं
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का दावा है कि पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन इस युवा की आंख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हजारों युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया और पेलेट गन चलाई गई। यह छात्र पहले पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल हुआ था, लेकिन उसका पेपर लीक हो गया था।