NEET यूजी री-एग्जाम: सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ प्रश्नपत्रों का हवाई परिवहन
पटना में नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारी
पटना: नीट यूजी री-एग्जाम की तैयारियों ने अब तेजी पकड़ ली है। पेपर लीक के आरोपों और विवादों के चलते, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब किसी भी प्रकार का जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं है। इस बार परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। वायुसेना का विशेष विमान 'गजराज' नीट यूजी के प्रश्नपत्रों को लेकर पटना पहुंच चुका है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पटना एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच प्रश्नपत्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके बाद, इन प्रश्नपत्रों को दरभंगा और गया एयरपोर्ट के लिए भेजा गया, जहां संबंधित अधिकारियों ने इन्हें सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में ले लिया। आपको बता दें कि 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई थी और अब 21 जून को इसका पुनः आयोजन होने जा रहा है। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
NTA की नई पहल
परीक्षा से पहले भ्रामक सूचनाओं और ठगों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए NTA ने एक सार्वजनिक शिकायत पोर्टल लॉन्च किया है। एजेंसी ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी दावों या पेपर लीक के प्रलोभनों में न आएं। यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा से पहले किसी के पास भी प्रश्नपत्र नहीं होगा। छात्र innovateindia.mygov.in/neet-ug-2026 पोर्टल पर संदिग्ध वेबसाइटों या गतिविधियों की रिपोर्ट कर सकते हैं, जिस पर संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
टेलीग्राम पर कार्रवाई
NTA ने फर्जी प्रश्नपत्र बेचने वाले गिरोहों के खिलाफ टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि कुछ शातिर लोग वीपीएन का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन आम छात्रों की पहुंच खत्म होने से धोखाधड़ी वाले नेटवर्क का बाजार ठप हो जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य निर्दोष छात्रों को जालसाजों से बचाना है।
सुरक्षा की अभेद्य दीवार
NTA के महानिदेशक के अनुसार, जिस परीक्षा की तैयारी में आमतौर पर 5 से 6 महीने लगते हैं, उसे रक्षा मंत्रालय के सहयोग से मात्र 37 दिनों में पूरा किया गया है। 22 लाख प्रश्नपत्रों की 13 भाषाओं में छपाई और उनके ट्रांसपोर्टेशन का कार्य वायुसेना की मदद से तीन-चार दिन में पूरा किया गया है। गृह मंत्रालय, अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और प्रशासन के कड़े पहरे में देश के 5,440 और विदेशों के 14 केंद्रों पर सुरक्षा के कई स्तर तैयार किए गए हैं।