NHAI ने हाईवे पर पौधारोपण नियमों में किया बदलाव
नई दिशा-निर्देशों का उद्देश्य
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण से संबंधित नियमों में संशोधन किया है। अब हाईवे परियोजनाओं में पौधों की रोपाई और उनकी देखभाल केवल एक औपचारिकता नहीं रह जाएगी। परियोजना की अस्थायी पूर्णता और रखरखाव से जुड़े भुगतान को पौधारोपण और पौधों के जीवित रहने की दर से जोड़ा गया है। नए नियमों के अनुसार, निर्धारित क्षेत्र में कम से कम 80 प्रतिशत पौधारोपण और निरीक्षण के समय 90 प्रतिशत जीवित पौधों का मानक पूरा करना अनिवार्य होगा।
पौधारोपण के लिए नए मानक
संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, ठेकेदारों को पौधारोपण के लिए निर्धारित ROW (Right of Way) के कम से कम 80 प्रतिशत हिस्से में पौधे लगाने होंगे। इसके अलावा, निरीक्षण के समय इन पौधों की जीवित रहने की दर कम से कम 90 प्रतिशत होनी चाहिए। डिवाइडर और सड़क के दोनों किनारों पर पौधारोपण संबंधित अनुबंध, 2015 की Green Highways Policy और भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार किया जाएगा।
PCC और PCOD के लिए मानकों की जांच
NHAI के अनुसार, Provisional Certificate of Completion (PCC) या Provisional Commercial Operation Date (PCOD) जारी करते समय पौधारोपण के मानकों की जांच की जाएगी। यदि 80 प्रतिशत के निर्धारित लक्ष्य से कम पौधारोपण हुआ है, तो इसकी वजह और बाकी कार्य पूरा करने की समयसीमा दर्ज करनी होगी। शेष पौधारोपण पूरा होने और निर्धारित लक्ष्य हासिल होने तक समझौते के तहत निर्धारित वित्तीय राशि रोकी जा सकेगी।
रखरखाव भुगतान का संबंध पौधों की स्थिति से
नए नियम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं हैं। हाईवे के संचालन और रखरखाव (O&M) अवधि के दौरान पौधों की जीवित रहने की दर भी महत्वपूर्ण होगी। EPC, HAM और BOT Annuity परियोजनाओं में O&M या annuity payment को तय survival norm से जोड़ा गया है। BOT-Toll परियोजनाओं में भी इसी तरह अनुपालन की जांच होगी। सूख चुके पौधों की जगह समय पर समान उम्र और विकास स्तर वाले नए पौधे लगाने होंगे।
विशेषज्ञों द्वारा निरीक्षण
ऑपरेशन या annuity payment जारी करने और रखरखाव अनुपालन प्रमाणित करने से पहले NHAI अपने पर्यावरण और पौधारोपण विशेषज्ञों की मदद लेगा। विशेषज्ञ मौके पर जाकर यह देखेंगे कि निर्धारित क्षेत्र में पौधारोपण हुआ है या नहीं और पौधों की वास्तविक जीवित रहने की दर कितनी है। इसका उद्देश्य कागजों में दर्ज आंकड़ों के बजाय वास्तविक स्थिति की जांच करना है।
हाईवे कॉरिडोर में हरियाली का महत्व
NHAI के इन संशोधित नियमों का मुख्य उद्देश्य हाईवे कॉरिडोर में निरंतर और टिकाऊ हरियाली बनाए रखना है। पौधारोपण की मात्रा के साथ-साथ पौधों की देखभाल और उनके जीवित रहने को भी परियोजना की जिम्मेदारी का हिस्सा बनाया गया है। नए मानकों के तहत ठेकेदारों को केवल पौधे लगाने के बजाय उनकी नियमित देखभाल और मृत पौधों को बदलने पर भी ध्यान देना होगा।