NIA ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया
जम्मू की NIA अदालत का महत्वपूर्ण निर्णय
जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अदालत ने यह निर्णय लिया है कि हाफिज सईद की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ इस मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए आवश्यक है। यह आदेश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा दायर याचिका के आधार पर आया है।
विशेष NIA जज का बयान
विशेष एनआईए जज प्रेम सागर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 75 के तहत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी जांच को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। अदालत ने वारंट जारी कर इसे कानून के अनुसार लागू करने के लिए एनआईए जम्मू के डीआईजी को भेज दिया है। हाफिज सईद को इस मामले में एफआईआर में आरोपी नंबर-8 के रूप में नामित किया गया है।
NIA के तर्क
एनआईए ने अदालत को बताया कि इस मामले में पूरक चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी ने कहा कि हाफिज सईद, जो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा का निवासी है, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत घोषित आतंकी है और लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान में रहकर गिरफ्तारी से बच रहा है, इसलिए उसके खिलाफ ओपन-डेटेड गैर-जमानती वारंट जारी करना आवश्यक था।
आतंकी हमले का विवरण
यह मामला 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले से संबंधित है। इस हमले में आतंकियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 26 लोगों की जान गई। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी एनआईए को सौंपी थी।
साजिश में हाफिज सईद की भूमिका
एनआईए की जांच में यह दावा किया गया है कि पहलगाम हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने रची थी। एजेंसी की पूरक चार्जशीट में हाफिज मोहम्मद सईद को इस साजिश का मुख्य आरोपी बताया गया है। अदालत के हालिया आदेश के बाद अब जांच एजेंसी के पास उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज करने का रास्ता साफ हो गया है। यह आदेश इस मामले की जांच को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।