NSA अजीत डोभाल का कड़ा संदेश: भारत की सहनशीलता को कमजोरी न समझें
भारत की सुरक्षा नीति में बदलाव
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए पाकिस्तान और भारत के विरोधियों को स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भारत की उदारता और सहनशीलता को उसकी कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर भारत कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
दुनिया के लिए स्पष्ट संदेश
डोभाल ने कहा, “दुनिया को यह समझना चाहिए कि भारत की उदारता या सहनशीलता को कमजोरी नहीं माना जाना चाहिए। भारत जोखिम उठाने और कड़ा प्रहार करने में सक्षम है, चाहे परिणाम कुछ भी हों।” उनका यह बयान ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जो भारत की आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाता है।
पहलगाम हमले के बाद का ऑपरेशन
पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी, जिसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया।
इस कार्रवाई में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने पर जोर दिया और अपने अभियान को सैन्य और आतंकवादी ढांचे तक सीमित रखने का निर्णय लिया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत का जवाब
ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की कोशिश की, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के कुछ सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर जवाब दिया।
भारत ने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में वह सैन्य दबाव और रणनीतिक विकल्पों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।
परमाणु शक्ति के पीछे छिपी नीति नहीं चलेगी
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने यह संकेत दिया कि पाकिस्तान की परमाणु क्षमता आतंकवाद के खिलाफ भारतीय कार्रवाई को रोकने की गारंटी नहीं है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस दौरान पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए भारत की सैन्य क्षमता और मिसाइलों की पहुंच का उल्लेख किया। डोभाल का हालिया बयान भी इसी व्यापक रणनीतिक संदेश का हिस्सा है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक होने पर कठोर और जोखिम भरे फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगा।