PGIMER चंडीगढ़ के प्रोजेक्ट सारथी को मिला राष्ट्रीय सम्मान
हरियाणा समाचार
हरियाणा के PGIMER चंडीगढ़ के 'प्रोजेक्ट सारथी' को राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन-2026 में 'उत्कृष्ट सर्वश्रेष्ठ प्रथा' के रूप में मान्यता दी गई है। यह पहल मरीजों और उनके परिवारों को अस्पताल की जटिल प्रक्रियाओं को समझने और विभिन्न सेवाओं तक पहुंचने में सहायता करती है, जिसके लिए इसे 'Best Practices in Patient Safety 2026' का विशेष सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
AIIMS नागपुर द्वारा आयोजित सम्मेलन
AIIMS नागपुर ने राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सचिवालय, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 11 और 12 सितंबर को राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन में देशभर से रोगी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विशेषज्ञों और संस्थानों ने भाग लिया।
प्रोजेक्ट सारथी का परिचय
प्रोजेक्ट सारथी, जिसका पूरा नाम 'Students’ Alliance for Responsible Action to Transform Healthcare Institutes' है, मई 2024 में शुरू किया गया था। इस पहल के तहत प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवक मरीजों और उनके परिवारों की सहायता के लिए नियुक्त किए जाते हैं, खासकर उन मरीजों के लिए जो अस्पताल की जटिल व्यवस्था से अनजान होते हैं।
मरीजों की समस्याओं को सरल बनाना
सारथी स्वयंसेवक OPD में मरीजों को पंजीकरण प्रक्रिया समझाने, विभिन्न सेवाओं और विभागों के स्थान बताने, कतार और जांच से संबंधित जानकारी देने तथा रिपोर्ट प्राप्त करने में मदद करते हैं। उनका उद्देश्य मरीजों को अस्पताल की गैर-चिकित्सकीय प्रक्रियाओं को समझने और सही स्थान तक पहुंचने में सहायता करना है।
PGIMER में ओपीडी विजिट
PGIMER में हर साल 30 लाख से अधिक OPD विजिट होती हैं। ऐसे में मरीजों और उनके परिवारों के लिए सही समय पर सही स्थान और सेवा तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। प्रोजेक्ट सारथी इसी समस्या को कम करने के लिए कार्यरत है।