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PM मोदी का फ्रेजाइल फाइव पर भाषण: भारत की आर्थिक यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में 'फ्रेजाइल फाइव' का उल्लेख किया, यह बताते हुए कि कैसे भारत ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने 2013 और 2026 के बीच के बदलावों को रेखांकित किया और बताया कि भारत अब तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। जानें कि 'फ्रेजाइल फाइव' क्या है, और भारत को इस श्रेणी में क्यों रखा गया था। पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की प्रगति पर भी जोर दिया।
 

प्रधानमंत्री मोदी का फ्रेजाइल फाइव पर भाषण


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'फ्रेजाइल फाइव' का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक समय भारत को दुनिया की कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन अब देश ने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और आज यह तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने इस संदर्भ में 'फ्रेजाइल फाइव' शब्द का उपयोग किया है। उन्होंने पहले भी कहा है कि भारत अब उस दौर से बाहर निकल चुका है।


फ्रेजाइल फाइव का अर्थ

फ्रेजाइल फाइव, जिसे 'कमजोर पांच' कहा जाता है, कोई आधिकारिक समूह नहीं है। यह शब्द 2013 में निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के बाद चर्चा में आया। उस समय भारत के साथ ब्राजील, इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की को भी इस श्रेणी में रखा गया था। इन देशों को इसलिए 'फ्रेजाइल फाइव' कहा गया क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्थाएं विदेशी पूंजी पर निर्भर थीं और वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों से प्रभावित हो सकती थीं।


भारत को इस श्रेणी में क्यों रखा गया?

2013 में भारत की अर्थव्यवस्था कई समस्याओं का सामना कर रही थी। देश का चालू खाता घाटा काफी ऊंचा था और विदेशी पूंजी पर निर्भरता बढ़ गई थी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों में बदलाव की आशंका के कारण विदेशी निवेश में कमी आई, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा। महंगाई, कमजोर रुपये और चालू खाते के घाटे जैसे मुद्दे निवेशकों के लिए चिंता का कारण बने। यही कारण था कि भारत को उन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया गया जो वैश्विक वित्तीय परिस्थितियों में जोखिम में थीं।


भारत में बदलाव: 2013 से 2026

पीएम मोदी ने अपने भाषण में इस बदलाव को उजागर किया। उन्होंने कहा कि जिस भारत को कभी 'फ्रेजाइल फाइव' में गिना जाता था, वह अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2026 के स्वतंत्रता दिवस भाषण में उन्होंने पिछले 12 वर्षों की आर्थिक यात्रा को भारत की बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया। भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ा है और यह अब दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर चुका है।


फ्रेजाइल फाइव का महत्व

पीएम मोदी के भाषण में 'फ्रेजाइल फाइव' का उल्लेख केवल पुराने आंकड़ों की याद नहीं था। इसके माध्यम से उन्होंने 2013 और 2026 के भारत के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उनका संदेश था कि देश अब केवल आर्थिक चुनौतियों का सामना नहीं कर रहा, बल्कि तकनीकी, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


क्या फ्रेजाइल फाइव आज भी मौजूद है?

'फ्रेजाइल फाइव' कोई आधिकारिक समूह नहीं है। यह 2013 के आर्थिक माहौल में एक विश्लेषणात्मक शब्द था। इसलिए आज भारत को उस समूह में शामिल बताना वर्तमान स्थिति की आधिकारिक रैंकिंग नहीं है, बल्कि उस समय की आर्थिक परिस्थितियों का संदर्भ है। पीएम मोदी ने 2026 में इस शब्द का उपयोग भारत की आर्थिक यात्रा और बदलाव को समझाने के लिए किया।