PM मोदी की इजरायल यात्रा: भारत-इजरायल संबंधों में नई मजबूती का संकेत
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा का उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से इजरायल की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर निकलेंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस यात्रा की जानकारी साझा की, जिसमें बताया गया कि इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, कृषि, जल प्रबंधन, व्यापार, अर्थव्यवस्था और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाना है।
प्रधानमंत्री की इजरायल में दूसरी यात्रा
यह यात्रा उस समय हो रही है जब भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल की दूसरी यात्रा है, इससे पहले उन्होंने जुलाई 2017 में तेल अवीव का दौरा किया था, जहां दोनों देशों के रिश्तों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री इजरायल की संसद, नेसेट को संबोधित करेंगे, जो इस दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बातचीत और सहयोग के नए अवसर
प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी होगी। इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय सहयोग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे और भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे, जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करने का अवसर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत और इजरायल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंधों को और सुदृढ़ करने का अवसर प्रदान करेगी। दोनों देश पहले से ही रक्षा सहयोग, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, हालांकि किसी बड़े रक्षा समझौते की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
रक्षा सहयोग में वृद्धि
हाल के वर्षों में भारत और इजरायल के बीच रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले नवंबर में, दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे उन्नत तकनीकों के आदान-प्रदान और हथियारों के संयुक्त विकास एवं उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत इजरायल के साथ अपने रणनीतिक और रक्षा संबंधों को मजबूत कर रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को लेकर अपनी चिंताओं को भी स्पष्ट रूप से व्यक्त कर रहा है। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।