एमसीबी : सेटरिंग प्लेट व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनकर धनमती हर महीने कमा रहीं 15 हजार रुपये
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला अंतर्गत तहसील कोटाडोल के ग्राम बरौता की निवासी धनमती आज ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक जीवंत मिसाल बन चुकी हैं। कभी साधारण जीवन जीने वाली धनमती ने 'आस्था महिला स्व-सहायता समूह' से जुड़कर न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई इबारत भी लिखी है।
शासन की 'बिहान योजना' के माध्यम से उन्हें सीआईएफ के रूप में 1,60,000 रुपये और सीसीएल के रूप में 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस पूंजी का सही निवेश करते हुए उन्होंने सेटरिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया, जो आज उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार बन गया है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रतिमाह लगभग 15,000 रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
अपनी सफलता का श्रेय साझा करते हुए धनमती बताती हैं कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिला, जिससे उनमें इस नए कार्य को अपनाने का आत्मविश्वास पैदा हुआ। आज वे स्वयं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और गौरवान्वित महसूस करती हैं।
अपनी इस उपलब्धि के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही आज ग्रामीण अंचलों की महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर उद्यमी बन रही हैं।
धनमती की यह सफलता यात्रा क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी यह संदेश दे रही है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और सरकारी योजनाओं का सही लाभ लिया जाए, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह