×

सूरजपुर : सोलर सेनेटरी किट बनाकर जिले की छात्रा गीता सिंह ने राष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान

 




सूरजपुर, 17 जून (हि.स.)। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में सूरजपुर जिले की छात्रा गीता सिंह ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल करवां की छात्रा द्वारा विकसित सोलर सेनेटरी किट आज सामाजिक सरोकार और वैज्ञानिक नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

महज एक हजार रुपये से कम लागत में तैयार इस मॉडल का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को बेहतर बनाना है। छात्रा द्वारा विकसित सोलर सेनेटरी किट का उपयोग सेनेटरी पैड एवं अन्य उपयोगी कपड़ों को प्रयोग से पूर्व जीवाणुमुक्त करने के लिए किया जाता है। सौर ऊर्जा आधारित यह उपकरण बैक्टीरिया को नष्ट कर संक्रमण की संभावनाओं को कम करने में सहायक है। विशेष रूप से माहवारी एवं प्रसव के दौरान महिलाओं के लिए यह नवाचार उपयोगी साबित हो सकता है।

गीता सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वच्छता संबंधी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एक छात्रा और महिला होने के नाते उन्होंने इस समस्या को करीब से समझा और इसके समाधान के लिए यह मॉडल विकसित किया। उनके इस नवाचार को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी इस मॉडल ने द्वितीय स्थान हासिल कर विशेष पहचान बनाई है।

छात्रा ने बताया कि उनके इस नवाचार में अन्य राज्यों की भी रुचि बढ़ रही है। कर्नाटक सहित रायपुर के एक विद्यालय द्वारा इस मॉडल को अपने यहां स्थापित करने की इच्छा जताई गई है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सूरजपुर प्रवास के दौरान कलेक्टर रेना जमील ने छात्रा के इस नवाचार की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री ने गीता सिंह के मॉडल की सराहना करते हुए उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता की प्रशंसा की तथा उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

गीता सिंह की यह उपलब्धि न केवल जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह भी साबित करती है कि नवाचार, वैज्ञानिक सोच और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण अंचलों से भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहराया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय