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गिरनार रोपवे बना आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र, 41 लाख से ज्यादा यात्रियों ने उठाया लाभ

 




जूनागढ़, 12 जून (हि.स.)। गुजरात का जूनागढ़ स्थित गिरनार रोपवे के शुरू होने के बाद क्षेत्र में पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को बड़ा बढ़ावा मिला है। अब तक 41 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक इस रोपवे का लाभ उठा चुके हैं।

भवनाथ तलहटी से गिरनार पर्वत पर स्थित अंबाजी मंदिर तक लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से इस रोपवे का निर्माण किया गया है। इसकी लंबाई 2.3 किलोमीटर और ऊंचाई 850 मीटर है। रोपवे के माध्यम से अंबाजी मंदिर तक पहुंचने में करीब 9 मिनट का समय लगता है।

गिरनार रोपवे परियोजना की आधारशिला तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2007 में रखी थी। बाद में 24 अक्टूबर 2020 को इसका लोकार्पण किया गया। परियोजना को पूरा करने में कई तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आई थीं, जिन्हें दूर कर इसे साकार किया गया।

स्थानीय नागरिक शैलेषभाई दवे के अनुसार, रोपवे शुरू होने से जूनागढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिली है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए अंबाजी मंदिर तक पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि गिरनार रोपवे के अलावा सोमनाथ कॉरिडोर और केशोद हवाई अड्डे के विकास जैसी परियोजनाओं से भी क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं मजबूत हुई हैं और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे