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प्रधानमंत्री की अपील का असर: विदेश यात्राएं छोड़ अब देश घूमने को प्राथमिकता, गुजरात में बदला ट्रैवल ट्रेंड

 






- सूरत की 3 युवतियों ने वियतनाम ट्रिप रद्द कर चुना दार्जिलिंग

अहमदाबाद, 13 मई (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील का असर अब गुजरात में दिखाई देने लगा है। विदेश यात्राओं की पूछताछ में गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि घरेलू पर्यटन स्थलों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

सूरत के ट्रैवल एजेंट कुलदीप सोनी के अनुसार, प्रधानमंत्री की अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय भ्रमण के लिए पूछताछ में तुरंत असर दिखाई दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में करीब 10 प्रतिशत तक अंतरराष्ट्रीय पूछताछ कम हुई है और कई ग्राहक, जो दुबई, थाईलैंड और वियतनाम के पैकेज फाइनल करने वाले थे, अब घरेलू टूर पैकेज की मांग कर रहे हैं।

सोनी का कहना है कि आने वाले दिनों में यह असर 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। लोग अब उसी बजट में भारत के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की यात्रा करने में रुचि दिखा रहे हैं। उनका मानना है कि इससे देश के पर्यटन उद्योग, होटल सेक्टर और स्थानीय रोजगार को बड़ा फायदा मिलेगा।

सूरत की 3 युवतियों ने रद्द की वियतनाम यात्रा

इस बदलते ट्रेंड का सबसे चर्चित उदाहरण सूरत की भूमिका कदम और उनकी दो सहेलियां बनी हैं। भूमिका कदम ने बताया कि वे पिछले 6-7 महीनों से वियतनाम की अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय ट्रिप की योजना बना रही थीं। टिकट और प्लानिंग लगभग तैयार थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील सुनने के बाद उन्होंने अपनी विदेश यात्रा रद्द करने का फैसला किया।

अब तीनों युवतियां सिक्किम और दार्जिलिंग घूमने जाएंगी। भूमिका कदम ने कहा कि यदि भारतीय अपने ही देश के पर्यटन स्थलों को समर्थन नहीं देंगे तो फिर कौन देगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा बचाने के लिए फिलहाल घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देनी चाहिए।

विदेशी मुद्रा बचाने की सोच को मिला समर्थन

ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि हर साल भारतीय बड़ी मात्रा में विदेश यात्राओं पर पैसा खर्च करते हैं, जिससे विदेशी मुद्रा देश से बाहर जाती है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब लोगों में यह सोच विकसित हो रही है कि भारत में भी विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल मौजूद हैं, जहां कम खर्च में बेहतर अनुभव लिया जा सकता है।

गुजरात के धार्मिक और पर्यटन स्थलों की बढ़ेगी मांग

ट्रैवल कारोबारियों के मुताबिक आने वाले समय में द्वारका, सोमनाथ, गिर जैसे गुजरात के पर्यटन स्थलों की मांग में बड़ा उछाल आ सकता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के अयोध्या, वाराणसी, जम्मू कश्मीर के श्रीनगर, बेंगलुरु और दार्जिलिंग जैसे घरेलू गंतव्य के प्रति भी लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है।

“वेड इन इंडिया” से वेडिंग इंडस्ट्री में नई उम्मीद

वडोदरा के वेडिंग प्लानर आनंद दोशी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद डेस्टिनेशन वेडिंग को लेकर भारत में पूछताछ तेजी से बढ़ी है। उन्होंने बताया कि हर साल अहमदाबाद समेत पूरे गुजरात से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में शादी करते हैं, लेकिन अब कई परिवार भारत में शादी आयोजन की योजना बना रहे हैं।

आनंद दोशी के अनुसार, विदेश में शादी करने पर केवल आयोजन ही नहीं, बल्कि मेहमानों की यात्रा और ठहरने का खर्च भी बहुत अधिक होता है। भारत में केरल, गोवा, उदयपुर और राजस्थान जैसे स्थान विश्वस्तरीय डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बेहतरीन विकल्प बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि केवल 50 प्रतिशत लोग भी विदेश के बजाय भारत में शादी करना शुरू कर दें, तो देश की इवेंट इंडस्ट्री, होटल सेक्टर, डेकोरेशन व्यवसाय और छोटे कारीगरों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे