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यमुनानगर: पश्चिम एशिया संकट से जगाधरी बर्तन उद्योग पर गहरा असर

 




यमुनानगर, 25 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब जगाधरी की प्रसिद्ध बर्तन औद्योगिक इकाइयों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। निर्यात प्रभावित होने और कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने से उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। जगाधरी शहर में करीब 800 छोटी-बड़ी इकाइयां संचालित हैं, जिनमें कई उद्योग पीढ़ियों से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व के देशों में चल रहे हालात के कारण वहां का व्यापार लगभग ठहर गया है, जिससे यहां के उद्योगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार अरब देशों में निर्यात बंद होने से तैयार माल गोदामों में जमा हो रहा है, वहीं वहां फंसा भुगतान भी चिंता का कारण बना हुआ है।

इसके साथ ही कच्चे माल की आपूर्ति रुकने से कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे उत्पादन लागत में इजाफा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र से एल्युमिनियम और स्टील के बर्तन बड़े पैमाने पर विदेशों में भेजे जाते हैं, लेकिन पिछले एक महीने से निर्यात पूरी तरह प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कच्चा माल न मिलने और ऑर्डर घटने से उत्पादन क्षमता घटकर लगभग 55 से 60 प्रतिशत रह गई है।

इसके अलावा घरेलू बाजार में भी असर देखने को मिल रहा है। बढ़ती लागत के कारण देशभर के थोक व्यापारियों ने ऑर्डर कम कर दिए हैं, जिससे कारोबार में करीब 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। उद्योग जगत का अनुमान है कि वर्तमान स्थिति के कारण करीब 300 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ है। यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो इसका असर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार