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(रक्षाबंधन विशेष) सात समंदर पार भी नहीं टूटती राखी की डोर, सूरत से 100 देशों तक बहनों का प्यार पहुंचा रहा डाक विभाग

 




- सूरत से पिछले 25 दिनों में 100 से अधिक देशों में 10,600 से ज्यादा राखी कवर और पार्सल भेजे जा चुके हैं

सूरत, 25 अगस्त (हि.स.)। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का पर्व है। भले ही समय के साथ रोजगार, शिक्षा और कारोबार के कारण भाई-बहन एक-दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर हो गए हों, लेकिन भारतीय डाक विभाग राखी के जरिए उनके बीच प्रेम का रिश्ता कायम रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सूरत से पिछले 25 दिनों में 100 से अधिक देशों में 10,600 से ज्यादा राखी कवर और पार्सल भेजे जा चुके हैं। वहीं गुजरात से अब तक 76 हजार से अधिक राखी पार्सल विदेश भेजे गए हैं। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में राखी भेजने का प्रमाण सबसे अधिक है।

इंटरनेशनल ट्रैक पैकेट सर्विस और स्पीड पोस्ट के माध्यम से बहनें विदेश में रह रहे अपने भाइयों तक राखी के साथ अपना स्नेह, शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी भेज रही हैं।

सूरत के एसवीआर कॉलेज पोस्ट ऑफिस के पोस्टल असिस्टेंट स्नेहल पटेल ने बताया कि विदेश में रहने वाले भाइयों तक राखी पहुंचाने के लिए भारतीय डाक सेवा लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। कई बहनें राखी के साथ भावनाओं से भरे संदेश और उपहार भी भेजती हैं।

वॉटरप्रूफ कवर से ऑनलाइन ट्रैकिंग तक सुविधा

राखी को सुरक्षित पहुंचाने के लिए डाक विभाग ने विशेष वॉटरप्रूफ राखी कवर, व्हाट्सऐप के जरिए पिकअप, सेल्फ बुकिंग और ऑनलाइन स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। रियल टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से भेजने वाला व्यक्ति अपने पार्सल की स्थिति भी जान सकता है।

सूरत में पिछले 14 वर्षों से रह रहीं शिवांगी सिंह हर वर्ष भारतीय डाक के माध्यम से अपने भाई को राखी भेजती हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उनके द्वारा भेजी गई राखी महज तीन दिन में भाई तक पहुंच गई।

भारतीय डाक विभाग की यह सेवा महज डाक पहुंचाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि सरहदों और समुद्रों की दूरियां मिटाकर बहन के प्रेम, ममता और आशीर्वाद को भाई की कलाई तक पहुंचाने वाला भावनात्मक सेतु बन गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे