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जीविका से जुड़कर सविता कुमारी बनीं आत्मनिर्भर, हुनर के दम पर बनाई अलग पहचान

 


भागलपुर, 25 जून (हि.स.)। जिले के गोराडीह प्रखंड अंतर्गत बिशनपुर जिच्छो ग्राम पंचायत की निवासी सविता कुमारी आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली सविता ने अपनी मेहनत, लगन और जीविका स्वयं सहायता समूह के सहयोग से न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि समाज में एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान भी स्थापित की है।

सविता कुमारी का जीवन पहले सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह था। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से उनके पति अंबुज सिंह की आय पर निर्भर थी। सीमित आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में उन्होंने रेशमा जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव की नई शुरुआत की।

समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत के साथ-साथ समूह की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाई। जीविका द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें वित्तीय प्रबंधन, उद्यमिता विकास, व्यवसाय संचालन तथा सामाजिक जागरूकता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। इन प्रशिक्षणों ने उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे व्यवसाय का रूप देने का आत्मविश्वास प्रदान किया।

समूह को बैंक से ऋण उपलब्ध होने के बाद सविता कुमारी ने सबसे पहले 35 हजार रुपये का ऋण लेकर ब्यूटी पार्लर एवं सिलाई कार्य की शुरुआत की। उन्होंने अपने कौशल का उपयोग करते हुए गांव की महिलाओं को सौंदर्य एवं साज-सज्जा से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करनी शुरू कीं। साथ ही सिलाई मशीन के माध्यम से महिलाओं के कपड़ों की सिलाई का कार्य भी शुरू किया।

इसी दौरान उनके पति अंबुज सिंह ने जूते की दुकान शुरू की। पति-पत्नी के संयुक्त प्रयासों से व्यवसाय का दायरा लगातार बढ़ता गया। अब तक सविता कुमारी स्वयं सहायता समूह से विभिन्न चरणों में 2 लाख रुपये से अधिक का ऋण लेकर अपने स्वरोजगार का विस्तार कर चुकी हैं। व्यवसाय से प्राप्त आय के बल पर वे ऋण की समय पर अदायगी भी कर रही हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता और साख लगातार मजबूत हुई है।

सविता कुमारी बताती हैं कि समूह से प्राप्त ऋण और प्रशिक्षण ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। समय पर ऋण वापसी के कारण उन्हें आगे भी आवश्यकता अनुसार ऋण प्राप्त करने में सुविधा होती है, जिससे व्यवसाय के विस्तार में मदद मिलती है। आज उनकी मासिक आय लगभग 30 से 35 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है।

इस आय से वे अपने बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से कर रही हैं। साथ ही भविष्य के लिए बचत भी कर रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं। वर्तमान में सविता कुमारी स्वयं अपने ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं तथा सिलाई कार्य के माध्यम से महिलाओं के लिए वस्त्र तैयार करती हैं। उनकी मेहनत, लगन और सेवा भावना ने उन्हें गांव में एक अलग पहचान दिलाई है। वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुकी हैं।

सविता कुमारी अपनी सफलता का श्रेय स्वयं सहायता समूह के सहयोग, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, निरंतर मेहनत, संघर्ष और जागरूकता को देती हैं। आज सविता कुमारी की सफलता पूरे गांव के लिए प्रेरणा का विषय है। उनकी उपलब्धियों से प्रेरित होकर अनेक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर