TCS नासिक महिला उत्पीड़न और मतांतरण मामले में आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी
महिला उत्पीड़न और मतांतरण का मामला
TCS मतांतरण केस: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े महिला उत्पीड़न और कथित मतांतरण मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। कई दिनों से फरार आरोपी निदा खान को गुरुवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत हुई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक ने बताया कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रही थी, जिसके चलते उसकी तलाश में पुलिस ने महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में छापेमारी की। अंततः तकनीकी निगरानी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
यह मामला तब सामने आया जब टीसीएस की कुछ महिला कर्मचारियों ने कंपनी में मानसिक उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए। जांच के बाद पुलिस ने नौ एफआईआर दर्ज की हैं और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि कंपनी के भीतर एक समूह बनाकर संगठित तरीके से अवैध गतिविधियां की जा रही थीं।
शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि जुलाई 2022 से फरवरी 2026 के बीच पीड़िता पर धार्मिक दबाव डाला गया। उसे एक विशेष धर्म अपनाने के लिए मानसिक रूप से परेशान किया गया और उसकी आस्था से जुड़े देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक बातें की गईं। इसके अलावा, महिला कर्मचारियों पर इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने का दबाव भी बनाया जाता था।
गिरफ्तारी से पहले, निदा खान ने नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें उसने कहा था कि वह दो महीने की गर्भवती है। हालांकि, अदालत ने उसे अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें यौन उत्पीड़न, मानहानि, धार्मिक भावनाएं आहत करने और मानसिक प्रताड़ना से संबंधित आरोप शामिल हैं। चूंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से है, इसलिए मामले में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।