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कॉकरोच जनता पार्टी का कोच्चि में विरोध मार्च, SIR के खिलाफ उठेगी आवाज़

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार को केरल के कोच्चि में एक विरोध मार्च का आयोजन कर रही है, जिसमें वोटर लिस्ट के संशोधन (SIR) को वापस लेने की मांग की जाएगी। इस प्रदर्शन में पार्टी के प्रमुख नेता और अभिनेता-कार्यकर्ता शामिल होंगे। पिछले महीने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद, यह CJP का पहला बड़ा प्रदर्शन है। जानें इस मार्च की सभी महत्वपूर्ण जानकारी और इसके पीछे की वजहें।
 

कोच्चि में विरोध प्रदर्शन की तैयारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) शनिवार को केरल के कोच्चि में एक विरोध मार्च आयोजित करेगी। पार्टी का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट के संशोधन (SIR) को वापस लेना है। इस प्रदर्शन का नाम 'जंतर मंतर एट कोच्चि' रखा गया है। राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे से लोग इकट्ठा होना शुरू करेंगे। इस मार्च में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की जाएगी। प्रदर्शनकारियों की एक अन्य मांग है कि SIR की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए।


प्रतिभागियों की सूची

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज भी इस मार्च में शामिल होंगे। पार्टी की राष्ट्रीय नेता अफरीन नवाज और दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी भी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि वे कोच्चि में शाम 4 बजे मिलेंगे।


दिल्ली के बाद का पहला बड़ा प्रदर्शन

पिछले महीने दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ था। कोच्चि का यह मार्च पार्टी का पहला बड़ा प्रदर्शन है। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में गैर अधिसूचित कर दिया था।


दिल्ली में प्रदर्शन की नई सीमाएं

अब वहां धरना देना संभव नहीं है। दिल्ली में प्रदर्शन के लिए तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं: राम लीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड। अब केवल इन्हीं स्थानों पर प्रदर्शन किया जा सकता है।


कोच्चि में प्रदर्शन की संभावनाएं

केरल में कांग्रेस की सरकार है, जो खुद SIR के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में यह प्रदर्शन बिना किसी हिरासत या गिरफ्तारी के हो सकता है। CJP के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रंका को 13 अक्टूबर को जंतर मंतर पर राष्ट्रीय ध्वज लहराने के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि उन्होंने 11 अक्टूबर को भरे गए शांति बंधपत्र का उल्लंघन किया।


हिरासत से रिहाई और पूछताछ

21 अक्टूबर को 50-50 हजार रुपये के निजी और जमानती बंधपत्र भरने के बाद दोनों तिहाड़ जेल से रिहा हुए। सौरभ दास और आशुतोष रांका ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के राजौरी गार्डन दफ्तर में पूछताछ के लिए पेश हुए। यह पूछताछ अक्टूबर में जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शनों से संबंधित मामलों में हुई थी। अभिजीत दीपके को भी पार्टी की तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था।


CJP आंदोलन पर उठते सवाल

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में बेंगलुरु में मीडिया से कहा कि कार्यकर्ताओं को देश विरोधी संगठनों से धन मिल रहा है। उनका दावा था कि अभिजीत दीपके को अनधिकृत स्रोतों से फंड मिलने के पर्याप्त सबूत हैं। CJP नेताओं ने सवाल उठाया कि तब मंत्री उनसे बातचीत क्यों कर रहे थे। उनका इशारा इस साल NEET के मुद्दे पर हुए प्रदर्शन के दौरान सिंह और जेपी नड्डा के साथ हुई बैठकों की ओर था।


सौरभ दास का बयान

सौरभ दास ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि पार्टी पहले दिन से सबूत मांग रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस आधार नहीं दिया गया है। अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को X पर लिखा कि इस दिवाली CJP के कार्यकर्ता महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के साथ रहेंगे।