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दिल्ली पुलिस अधिकारी विवेक भगत की नई पोस्टिंग पर विवाद

दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत को हाल ही में अडिशनल डीसीपी के पद पर नियुक्त किया गया है, लेकिन महिला पत्रकार के उत्पीड़न के आरोपों के चलते उन्होंने अपना चार्ज न संभालने का निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार ने इस मामले में स्पष्टीकरण दिया है कि विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया है कि जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक वह नई जिम्मेदारी नहीं लेंगे। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया।
 

विवेक भगत की नई जिम्मेदारी

दिल्ली और अंडमान निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी विवेक भगत इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार के आरोप में शामिल अडिशनल पुलिस कमिश्नर विवेक भगत को हाल ही में नई पोस्टिंग दी गई है। उन्हें अडिशनल डीसीपी के पद पर नियुक्त किया गया है। इस मामले के चलते सोशल मीडिया पर कई सवाल उठने लगे हैं, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि विवेक भगत फिलहाल अपना नया पद नहीं संभालेंगे।


दिल्ली सरकार ने बताया कि विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया है कि जब तक उनके खिलाफ चल रही जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह अपना नया पद ग्रहण नहीं करेंगे।


दिल्ली सरकार ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर एक पोस्ट में कहा कि DANIPS के 12 अधिकारियों को ADCP के पद पर कार्यभार सौंपने के संबंध में 5 अक्टूबर के आदेश में विवेक भगत के मामले में संशोधन किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इन अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपने का प्रस्ताव 25 अगस्त को शुरू किया गया था, जो मौजूदा घटनाक्रम से पहले का है। आवश्यक अनुमोदन के बाद यह आदेश 5 अक्टूबर को जारी किया गया।


पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान कार्यभार एक अस्थायी व्यवस्था है, जिससे किसी प्रकार का वित्तीय लाभ नहीं मिलता। इसके अलावा, जिन अधिकारियों को एडीसीपी का कार्यभार सौंपा गया है, वे नियमित रूप से नियुक्त एडीसीपी द्वारा किए जाने वाले वैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर सकते।


विवेक भगत का चार्ज न संभालने का कारण

दिल्ली सरकार ने विवेक भगत के अनुरोध का उल्लेख करते हुए कहा है, 'एसीपी विवेक भगत ने स्वयं अनुरोध किया है कि जब तक महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वह मौजूदा चार्ज नहीं संभालना चाहते हैं। इसी कारण 5 अक्टूबर के आदेश को संशोधित करके फिर से जारी किया जा रहा है। इस स्थिति में बाकी 11 अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी जाएगी।'


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