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दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता का प्रदर्शन, दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर उठे सवाल

दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। अंकिता के माता-पिता ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पूरे देश में आंदोलन करेंगे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
 

दिल्ली में प्रदर्शन की शुरुआत

दिल्ली में बुधवार शाम को एक नया प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसमें अंकिता भंडारी के माता-पिता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। यह प्रदर्शन इंडिया गेट पर हुआ, जहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रियंका गांधी भी शामिल हुईं। पुलिस ने गुरुवार तड़के सभी प्रदर्शनकारियों, जिसमें अंकिता के माता-पिता भी शामिल थे, को हिरासत में ले लिया। उन्होंने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उन्हें प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर में हड़ताल पर बैठ जाएंगे। अंकिता के पिता ने कहा कि उनका यह आंदोलन पूरे देश में फैल सकता है।


अंकिता भंडारी के माता-पिता की प्रतिक्रिया

हिरासत में लिए जाने के बाद, अंकिता की मां ने कहा, 'जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, हम यहीं बैठे रहेंगे। अगर हमें यहां से हटाया गया, तो हम अपने घर में भूख हड़ताल करेंगे।' अंकिता के पिता ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि यदि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो पूरे देश में लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


कांग्रेस का समर्थन

इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने अंकिता भंडारी के परिजनों से मुलाकात की। राहुल गांधी ने एक पोस्ट में लिखा कि चार साल से अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला, जबकि एक 'VIP' आरोपी को संरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंकिता के माता-पिता के साथ खड़ी है।


मोदी सरकार पर कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वे उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं। अंकिता के पिता ने कहा कि जब तक सीबीआई जांच पूरी नहीं होती, तब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रपति से भी इस नियुक्ति को रोकने की अपील की।


अंकिता भंडारी का मामला

19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर, 2022 को ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में हुई थी। चार दिन बाद उनका शव बरामद हुआ। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक और दो कर्मचारियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इस मामले ने तब राजनीतिक तूल पकड़ा जब कुछ ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें कथित 'VIP' की भूमिका पर सवाल उठाए गए।


दुष्यंत कुमार गौतम का परिचय

दुष्यंत कुमार गौतम, जो बीजेपी के संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं, 2025 में दिल्ली की करोल बाग विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। वह राज्यसभा के सांसद भी रह चुके हैं और कई बार चुनावों में भाग ले चुके हैं, लेकिन विधायक बनने में असफल रहे हैं।