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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें बढ़ीं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि बीजेपी जानबूझकर गुंडों को भेजकर प्रदर्शन को कमजोर कर रही है। सोनम वांगचुक, जो भूख हड़ताल पर हैं, के स्वास्थ्य पर भी चिंता जताई जा रही है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है और सरकार की बातचीत की पेशकश के बारे में क्या जानकारी है।
 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की स्थिति

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षाबलों के बीच झड़पों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बुधवार शाम को भी कुछ पुलिसकर्मियों और रैपिड ऐक्शन फोर्स के जवानों के साथ मारपीट के वीडियो वायरल हुए हैं। इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से सवाल उठाए जा रहे हैं। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब बाहर से गुंडों को भेजकर इस प्रदर्शन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सोनम वांगचुक से अनुरोध किया कि वे अपना अनशन समाप्त करें।


पुलिस के लाठीचार्ज पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया

अभिजीत दीपके ने पुलिस के लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और इसे अत्यंत क्रूर बताया। उन्होंने कहा कि CJP उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कोर्ट का सहारा लेगी। यह प्रदर्शन अब 34वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसमें से सोनम वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें वर्तमान में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।


पथराव और झड़पों पर अभिजीत दीपके का बयान

अभिजीत दीपके ने बार-बार हो रहे पथराव और झड़पों के बारे में कहा, 'बीजेपी जानबूझकर प्रदर्शन को बिगाड़ने के लिए बाहर से लोगों को भेज रही है। हम एक महीने से यहां हैं और इस दौरान कोई वारदात नहीं हुई। अब जब प्रदर्शन बड़ा हो गया है, तो बीजेपी गुंडों को भेजकर लोगों को उकसा रही है। यही लोग पथराव कर रहे हैं। पुलिस यहां पत्थरों से भरे ट्रक रख रही है और बीजेपी के लोग आकर पथराव कर रहे हैं। फिर CJP के लोगों को बदनाम किया जा रहा है।'


सोनम वांगचुक के लिए अपील

सोनम वांगचुक के बारे में अभिजीत दीपके ने कहा, 'जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। फिर भी, हम सोनम सर से अनुरोध कर रहे हैं कि वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें क्योंकि हम उन्हें खोना नहीं चाहते हैं।' सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर के दरवाजे खुले हैं।'


सरकार की बातचीत की पेशकश

सरकार की ओर से संकेत दिया जा रहा है कि वह CJP के सदस्यों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करना चाहती है। हालांकि, CJP का कहना है कि उनके लोग अब किसी नेता या मंत्री के घर नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि या तो सरकार के प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं या फिर किसी न्यूट्रल स्थान पर मुलाकात हो।