पंजाब की राजनीति में हलचल: बलबीर सिंह सीचेवाल ने AAP नहीं छोड़ी
पंजाब में राजनीतिक बदलाव
आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीतिक स्थिति में उथल-पुथल मच गई है। इनमें से छह सांसद पंजाब से थे, लेकिन पर्यावरणविद और आध्यात्मिक नेता बलबीर सिंह सीचेवाल ने पार्टी छोड़ने का निर्णय नहीं लिया। इस बड़े दल-बदल के बीच, सीचेवाल का AAP में बने रहना चर्चा का विषय बन गया है।
सीचेवाल का पार्टी छोड़ने से इनकार
बलबीर सिंह सीचेवाल ने खुलासा किया कि उन्हें भी पार्टी छोड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। सांसद विक्रम साहनी ने उन्हें फोन कर एक नए समूह में शामिल होने का आग्रह किया था, जिसमें कई नेता पहले से शामिल थे। हालांकि, सीचेवाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें इसमें कोई रुचि नहीं थी और उन्होंने तुरंत मना कर दिया।
बलबीर सिंह सीचेवाल का बयान
सीचेवाल ने बताया कि संसद सत्र के दौरान उन्हें राघव चड्ढा की ओर से चाय पर चर्चा का निमंत्रण मिला था। उन्होंने मजाक में कहा कि उन्होंने जवाब दिया, 'आप लोग खुद ही चाय पी लीजिए।' उनके अनुसार, इस मुलाकात में किसी प्रकार की दल-बदल की चर्चा नहीं हुई। उन्होंने राघव चड्ढा और संदीप पाठक की भूमिका पर भी अपनी राय व्यक्त की, यह कहते हुए कि दोनों नेताओं का पंजाब में महत्वपूर्ण प्रभाव है।
बलबीर सिंह सीचेवाल का परिचय
बलबीर सिंह सीचेवाल का जन्म 2 फरवरी 1962 को हुआ। वह एक प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और समाजसेवी हैं, जिन्हें काली बेईं नदी की सफाई के लिए जाना जाता है, जो सिख धर्म में पवित्र मानी जाती है। सीचेवाल जालंधर जिले के सीचेवाल गांव से आते हैं और उन्होंने बिना सरकारी सहायता के नदी की सफाई का एक बड़ा अभियान चलाया, जिसे देश और विदेश में सराहा गया।
सीचेवाल की उपलब्धियाँ
उनकी इस उत्कृष्ट कार्य के लिए मार्च 2017 में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके अलावा, टाइम पत्रिका ने भी उन्हें 'पर्यावरण हीरो' का खिताब दिया है। आज 64 वर्ष की आयु में भी बलबीर सिंह सीचेवाल पर्यावरण संरक्षण और नदियों की सफाई के लिए काम कर रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।