भारत टैक्सी: ड्राइवरों के स्वामित्व वाली नई कैब सेवा की शुरुआत
भारत टैक्सी का आगाज़
1 जनवरी 2026 को, भारत सरकार ने एक नई कैब सेवा 'भारत टैक्सी' की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य विदेशी कैब कंपनियों जैसे ऊबर और ओला की जगह एक स्वदेशी विकल्प प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि निजी कैब कंपनियां ड्राइवरों की मेहनत से अधिक लाभ कमाती हैं, जबकि ड्राइवरों को उचित मुआवजा नहीं मिलता।
सहकारिता मंत्रालय ने इस पहल की घोषणा दिसंबर 2025 में की थी। एक महीने के भीतर, पायलट प्रोजेक्ट को सफल घोषित किया गया और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
भारत टैक्सी का अनूठा मॉडल
सहकारिता मंत्रालय का दावा है कि यह दुनिया का पहला कैब प्लेटफॉर्म है, जिसमें ड्राइवरों को हिस्सेदारी दी गई है। इस मॉडल में ड्राइवरों को जीरो कमीशन पर काम करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। सरकार का कहना है कि यात्रियों को महंगे किराए से राहत मिलेगी और इस ऐप पर ऑटो, कार और बाइक की सेवाएं उपलब्ध हैं।
ड्राइवरों का नया नाम: सारथी
अमित शाह ने 19 जुलाई 2026 को कोलकाता में कहा कि ड्राइवरों को 'सारथी' का नाम दिया गया है, जो कंपनी के मालिक भी हैं। यह मॉडल केवल एक ट्रांसपोर्ट सेवा नहीं है, बल्कि यह आर्थिक अधिकारों और स्वाभिमान की एक नई क्रांति है।
भारत टैक्सी की दैनिक राइड्स
सहकारिता मंत्रालय ने संसद में बताया कि हर दिन 11,106 लोग भारत टैक्सी का उपयोग करते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर 8.48 लाख ड्राइवर रजिस्टर्ड हैं और 44.27 लाख ग्राहकों ने इसे डाउनलोड किया है। अब तक, ड्राइवरों ने इस प्लेटफॉर्म से 83.70 करोड़ रुपये की कमाई की है।
कानूनी आधार और प्रबंधन
भारत टैक्सी को बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के तहत रजिस्टर्ड 'सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड' द्वारा चलाया जा रहा है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है और इसका प्रबंधन एक चुने हुए निदेशक मंडल द्वारा किया जाता है।
ड्राइवरों के लिए स्वामित्व का अवसर
इस नई व्यवस्था के तहत, ड्राइवर केवल काम करने वाले नहीं, बल्कि कंपनी के हिस्सेदार बनते हैं। उन्हें प्रबंधन बोर्ड में स्थान मिलता है और कंपनी के निर्णयों में उनकी राय शामिल होती है।
भारत टैक्सी का भविष्य
सहकारिता मंत्रालय ने बताया कि भारत टैक्सी की सेवा अभी कुछ शहरों तक सीमित है, लेकिन अगले तीन वर्षों में इसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी शुरू करने की योजना है।
यात्रियों की सुरक्षा और शिकायत निवारण
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सारथियों और वाहनों का सत्यापन किया जाता है। इसके अलावा, शिकायतों के निपटारे के लिए एक हेल्पलाइन और ग्राहक सहायता टीम भी उपलब्ध है।
महिलाओं के लिए विशेष पहल
महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'सारथी दीदी' और 'बाइक दीदी' जैसी पहल शुरू की गई हैं, जिससे महिलाएं महिला चालित टैक्सी का विकल्प चुन सकती हैं।
भारत टैक्सी की चुनौतियाँ
हालांकि भारत टैक्सी का उद्देश्य ड्राइवरों को स्वामित्व देना है, लेकिन कई ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें इस प्लेटफॉर्म से कम राइड मिलती है। ग्राहक भी इसकी बुकिंग में कठिनाई का सामना कर रहे हैं।