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राजस्थान में नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से महिलाओं की मौत: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल

राजस्थान के कोटा जिले में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच महिलाओं की मौत के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर किया है। जांच में पता चला है कि जॉनसन लेबोरेटरीज द्वारा निर्मित नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें दवा की जगह पानी था। इस घटना ने न केवल कोटा बल्कि अन्य शहरों में भी स्वास्थ्य संकट को जन्म दिया है। सरकार ने इस मामले में कार्रवाई की है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि कैसे ऐसी घटिया दवा अस्पतालों में पहुंची। WHO ने भी इस मामले की जांच की मांग की है।
 

कोटा में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत

राजस्थान के कोटा जिले में 5 से 17 मई के बीच जेके लोन अस्पताल और सरकारी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी विंग में सिजेरियन डिलीवरी के बाद पांच महिलाओं की मौत हो गई। इस घटना के बाद, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत सरकार से एक फार्मा कंपनी द्वारा कथित तौर पर नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी है।


नकली इंजेक्शन का खुलासा

जांच में यह सामने आया कि जॉनसन लेबोरेटरीज नामक कंपनी द्वारा निर्मित यह इंजेक्शन असली नहीं था, बल्कि इसमें केवल पानी भरा हुआ था। प्रसूताओं की मौत के कारण यह सवाल उठता है कि देश में दवाओं की गुणवत्ता की जांच के बिना कैसे बेची जा रही हैं। इन मौतों का मुख्य कारण नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन को बताया जा रहा है, जो प्रसव के बाद अधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए दिया जाता है।


कोटा में महिलाओं की स्थिति

कोटा के जेके लोन अस्पताल और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में 5 महिलाओं की मौत के बाद कई अन्य महिलाएं गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं। कुछ महिलाएं किडनी की गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं और कई डायलिसिस पर हैं।


अन्य शहरों में भी मामले

स्वास्थ्य विभाग को जब अन्य शहरों में भी इसी तरह की घटनाओं की जानकारी मिली, तो वे सकते में आ गए। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भी सीजेरियन के बाद छह महिलाओं को किडनी फेल हो गया, जिसमें से दो की मौत हो गई।


राजस्थान सरकार की प्रतिक्रिया

राजस्थान सरकार को इन मौतों और महिलाओं के बिगड़ते स्वास्थ्य की जानकारी थी। हालांकि, शुरुआत में सरकार ने इस पर कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह एक बड़ी गड़बड़ी थी।


ऑक्सीटोसिन का महत्व

डॉ. शाहिद अख्तर के अनुसार, ऑक्सीटोसिन एक हार्मोनल दवा है, जो प्रसव के समय और बाद में दी जाती है। यह गर्भाशय को उसके सामान्य आकार में लाने और रक्तस्राव को नियंत्रित करने में मदद करती है।


नकली दवा का अस्पतालों तक पहुंचना

राजस्थान में 'राजस्थान मेडिकल हॉल' नामक एक होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर ने जॉनसन लेबोरेटरीज से नकली इंजेक्शन खरीदे। इस डिस्ट्रीब्यूटर ने 9,300 इंजेक्शन खरीदे, लेकिन 10,050 इंजेक्शन बेचे।


सरकार की कार्रवाई

राजस्थान ड्रग लाइसेंसिंग विभाग ने डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार ने जॉनसन लेबोरेटरीज की फैक्टरियों का निरीक्षण किया है, जिसमें कई गंभीर खामियां पाई गई हैं।


WHO की प्रतिक्रिया

WHO ने भारत सरकार से इस मामले पर विस्तृत जानकारी मांगी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पत्र नियमित निगरानी का हिस्सा है।


जॉनसन लेबोरेटरीज का अतीत

जॉनसन लेबोरेटरीज पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। अब सभी उत्पादों की जांच की जा रही है और उन्हें वापस बुलाया गया है।


महिलाओं की स्थिति और सरकार की जिम्मेदारी

जिन महिलाओं की मौत हुई या जो बीमार हैं, वे ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं। स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि कैसे एक खराब दवा चलती रही। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन दिया है।