राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस बर्बरता के आरोपों पर जताई चिंता
राहुल गांधी का प्रदर्शनकारियों से संवाद
10 अक्टूबर को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर मंतर और राजीव चौक के निकट ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें बुरी तरह पीटा। युवाओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भी उन्हें पुलिस की बर्बरता का सामना करना पड़ा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बताया कि केवल ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करने पर उन्हें पुलिस द्वारा पीटा गया।
पुलिस की बर्बरता का सामना
एक युवा प्रदर्शनकारी ने अपनी कहानी साझा करते हुए कहा, 'पुलिस ने हम पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने हमें कहा कि हम 5-500 रुपये पर आए हैं और दलाल हैं। हमारी वजह से उन्हें लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। पुलिसकर्मियों ने हमें पेट पर लात मारी।'
15-20 पुलिसकर्मियों ने की मारपीट
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने ले जाकर 15-20 पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी कहा कि बस में ले जाते समय भी उनके साथ मारपीट जारी रही।
पुलिस द्वारा गाली-गलौज और झूठे आरोप
धर्मेंद्र नाम के एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि पुलिस ने उन्हें गालियाँ दीं और मारपीट की। उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें वाहन के शीशे तोड़ने और पुलिस पर हमले जैसे आरोप लगाए गए। उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेंगे।
अवैध हिरासत और फोन छीनने के आरोप
कंटेंट क्रिएटर रमित ने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। हिरासत के दौरान प्रदर्शनकारियों के फोन छीन लिए गए और फॉर्मेट कर दिए गए। इसके बाद उन्होंने शांति का संदेश देने के लिए बांसुरी बजाई।
महिला प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का अत्याचार
NSUI की एक नेता ने कहा कि हिरासत के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गंभीर मारपीट की, जिसमें बाल खींचना, प्राइवेट पार्ट पर मारना और चेहरे पर चोटें लगाना शामिल था।
कान पर चोटें आईं
आदिरा ने बताया कि उन्हें बिना महिला पुलिसकर्मियों के हिरासत में ले जाया गया और बाद में थाने के बेसमेंट में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई, जिससे उनके कान और चेहरे पर चोट आई और सुनने में परेशानी हुई।
अवैध डिटेंशन सेंटर का आरोप
अर्जुन ने आरोप लगाया कि एलआईसी के पास एक अवैध डिटेंशन सेंटर बनाया गया था, जहां प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ नाबालिग बच्चों और गैर-प्रदर्शनकारियों के साथ भी मारपीट की गई और उनके फोन छीन लिए गए।
राहुल गांधी का समर्थन
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि ये छात्र हिंदुस्तान की आवाज हैं, जिसे दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे ज्यादती के सबूत और वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से अदालत तक लड़ाई लड़ेगी और किसी भी दोषी अधिकारी को नहीं बख्शा जाएगा।