TRAI का नया नियम: मोबाइल रिचार्ज में बदलाव से ग्राहकों को मिलेगी राहत
नए नियमों का उद्देश्य
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल रिचार्ज के लिए एक नया नियम लागू किया है। TRAI ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 जारी किया है, जिसके अंतर्गत कंपनियों को विशेष टैरिफ वाउचर (STV) प्रदान करने होंगे, जिनमें केवल कॉलिंग और SMS की सुविधा होगी। इसका मतलब है कि जिन ग्राहकों को मोबाइल डेटा की आवश्यकता नहीं है, उन्हें डेटा वाले कॉम्बो प्लान खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
कम आय वाले ग्राहकों को लाभ
TRAI के अनुसार, यह परिवर्तन विशेष रूप से कम आय वाले और वृद्ध ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है। नियामक ने देखा कि बाजार में केवल कॉलिंग और SMS वाले रिचार्ज के विकल्प सीमित हैं। जो विकल्प उपलब्ध हैं, उनमें से कई की वैधता लंबी होती है। इस स्थिति में, कम बजट वाले ग्राहकों के पास अपनी आवश्यकताओं और वित्तीय स्थिति के अनुसार छोटे रिचार्ज का चयन करने के लिए सीमित विकल्प होते हैं। नए नियमों का उद्देश्य इसी समस्या का समाधान करना है।
30 दिन और उससे कम अवधि वाले प्लान
नए नियमों के अनुसार, टेलीकॉम कंपनियों को केवल वॉयस और SMS वाले STV की पेशकश करनी होगी। इनमें 30 दिन की वैधता और उससे कम अवधि वाले प्लान भी शामिल होंगे। इनकी कीमत वैधता के अनुसार निर्धारित की जाएगी, ताकि ग्राहक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार छोटे रिचार्ज का चयन कर सकें। इससे उन उपयोगकर्ताओं के लिए विकल्प बढ़ेंगे, जो मुख्य रूप से कॉलिंग और SMS के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं।
प्लान का रिन्यूअल
TRAI ने कंपनियों के लिए यह भी अनिवार्य किया है कि वे कम से कम एक ऐसा वॉयस और SMS प्लान प्रदान करें, जिसे हर महीने एक ही तारीख पर रिन्यू किया जा सके। यदि किसी महीने वह तारीख उपलब्ध नहीं है, तो उस महीने की अंतिम तारीख को रिन्यू किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनियों को 30 दिन से अधिक वैधता वाला कम से कम एक वॉयस और SMS आधारित STV भी उपलब्ध कराना होगा। इससे ग्राहकों को छोटे और लंबे समय के विकल्प मिल सकेंगे।
सुझावों के आधार पर नियमों का निर्माण
TRAI ने बताया कि इन परिवर्तनों से पहले 7 अप्रैल 2026 को ड्राफ्ट नियम जारी किए गए थे। इन नियमों पर जनता और संबंधित कंपनियों से सुझाव मांगे गए थे, जिसके परिणामस्वरूप कुल 1,132 सुझाव प्राप्त हुए। इसके बाद ओपन हाउस चर्चा भी आयोजित की गई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद 21 सितंबर 2026 को अंतिम संशोधन जारी किए गए।