UN ने इजरायल और रूस को यौन हिंसा के आरोपों में ब्लैकलिस्ट किया
संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इजरायल और रूस की सुरक्षा एजेंसियों को सशस्त्र संघर्षों के दौरान यौन हिंसा और बलात्कार के मामलों के लिए अपनी ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की एक रिपोर्ट से प्राप्त हुई है, जिसकी समीक्षा एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने की है।
रिपोर्ट में फिलिस्तीनी और यूक्रेनी युद्धबंदियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के कई विश्वसनीय मामलों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं को संबंधित क्षेत्रों और हिरासत केंद्रों तक पहुंच नहीं मिल पाई।
गुटेरेस ने अगस्त 2025 में रूस और इजरायल को इस सूची में शामिल करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद, यूक्रेन युद्ध और कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों में यौन हिंसा के मामलों की रिपोर्ट लगातार आती रही हैं।
दस्तावेज में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी के बावजूद, दोनों देशों के अधिकारियों ने जांचकर्ताओं को आवश्यक पहुंच प्रदान नहीं की। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जांच में बाधाओं और सीमित पहुंच के बावजूद, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों देशों को सुरक्षा परिषद की उस सूची में शामिल किया गया है, जिसमें संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के आरोपों का सामना कर रहे पक्षों को चिन्हित किया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सत्यापित मामलों से यह संकेत मिलता है कि ऐसे आरोप कई वर्षों से सामने आते रहे हैं। रिपोर्ट में इजरायली सेना, सुरक्षा बलों और जेल सेवाओं के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाए गए हैं। इजरायल ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे खारिज किया है।
रूस के संबंध में रिपोर्ट में कहा गया है कि कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों और रूस के भीतर सुरक्षा बलों तथा जेल सेवाओं द्वारा यौन हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। यूक्रेन में मानवाधिकार निगरानी मिशन के आंकड़ों के अनुसार, संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा के 310 मामलों का उल्लेख किया गया है, जिनमें बलात्कार, जननांगों को क्षति पहुंचाना और बिजली के झटके देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लंघनों के प्रति बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है।