UNHRC 61वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
जेएंडके के लोगों ने आतंकवाद की विचारधारा को नकारा
- जेएंडके के लोगों ने आतंकवाद और हिंसा की आइडियोलॉजी को नकारा
UNHRC 61st Session, जेनेवा: भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 61वें सत्र में पाकिस्तान को एक सशक्त जवाब दिया है। यह सत्र 23 फरवरी से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। इस दौरान भारत ने इस्लामाबाद पर प्रोपेगैंडा फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास पाकिस्तान की आर्थिक समस्याओं से पूरी तरह अलग है।
ओआईसी ने खुद को ‘इको चैंबर’ के तौर पर इस्तेमाल होने दिया
भारतीय प्रतिनिधि अनुपमा सिंह ने यूएनएचआरसी के सत्र में बुधवार को उच्च स्तरीय खंड के दौरान भारत के जवाब देने के अधिकार का उपयोग करते हुए पाकिस्तान और आर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह समूह एक सदस्य देश के लिए ‘इको चैंबर’ के रूप में कार्य कर रहा है।
पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा से आ रही अब जलन की बू
अनुपमा सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के निरंतर प्रोपेगैंडा से जलन की बू आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत लंबे समय से मानता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। 1947 में इस क्षेत्र का भारत में विलय पूरी तरह से कानूनी है और इसे बदला नहीं जा सकता।
पाकिस्तान का भारतीय इलाकों पर गैर-कानूनी कब्जा
अनुपमा सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र से जुड़ा एकमात्र विवाद पाकिस्तान का भारतीय क्षेत्रों पर गैर-कानूनी कब्जा है और इस्लामाबाद को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों को खाली करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास का उल्लेख किया, जिसमें चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन भी शामिल है।
पाकिस्तान भ्रम में है या ‘ला-ला-लैंड’ में जी रहा
अनुपमा ने कहा कि चिनाब रेल ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा पुल है, जिसे पिछले साल जम्मू-कश्मीर में खोला गया था। उन्होंने कहा कि अगर यह पुल नकली है, तो पाकिस्तान किसी भ्रम में है या ‘ला-ला-लैंड’ में जी रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट हाल ही में पाकिस्तान द्वारा इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) से मांगे गए बेलआउट पैकेज से दोगुने से अधिक है।
विकास की राह पर घाटी के लोग
डेमोक्रेटिक प्रोसेस पर आलोचना का जवाब देते हुए, अनुपमा सिंह ने कहा कि ऐसे देश से डेमोक्रेसी पर लेक्चर सुनना मुश्किल है जहां सिविलियन सरकारें शायद ही कभी अपना टर्म पूरा करती हैं। उन्होंने जम्मू और कश्मीर में हाल के आम और असेंबली चुनावों में वोटर टर्नआउट का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को नकार दिया है और वे विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
हर क्षेत्र में लगातार तरक्की कर रहा जम्मू-कश्मीर
अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान पर लगातार स्टेट-स्पॉन्सर्ड टेररिज्म के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से लगातार तरक्की कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के लिए अच्छा होगा कि वह ऐसे प्लेटफॉर्म पर दिखावा करने के बजाय अपने बढ़ते आंतरिक संकट को ठीक करने पर ध्यान दे।