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UPSC 2025 के परिणाम में पुराने चयनितों का दबदबा: क्या नए नियम बदलेंगे खेल?

UPSC ने 2025 के सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों की घोषणा की है, जिसमें कई पुराने चयनितों ने अपनी रैंक में सुधार किया है। नए नियमों के तहत, पहले से चयनित उम्मीदवारों को रैंक सुधार के लिए सीमित अवसर मिलेंगे। यह बदलाव नए उम्मीदवारों के लिए अधिक अवसर प्रदान कर सकता है। जानें इस परीक्षा की कठिनाई और चयनितों की कहानी।
 

नई दिल्ली में UPSC ने घोषित किए परिणाम


नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों की घोषणा कर दी है। इस बार की टॉप रैंकिंग में एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है। कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन्होंने पहले से ही सिविल सेवा में सफलता प्राप्त की है।


इनमें से 39 उम्मीदवारों की रैंक 130 से ऊपर है, जिससे उनकी आईएएस बनने की संभावना काफी बढ़ गई है। ये सभी पिछले वर्षों (2023 या 2024) की फाइनल लिस्ट में भी शामिल थे।


पुराने चयनितों की रैंक सुधारने की कोशिश

कई उम्मीदवार पहले प्रयास में आईपीएस, आईआरएस या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं में चयनित होते हैं, लेकिन वे आईएएस पाने के लिए संतुष्ट नहीं होते। ऐसे में वे अगले साल फिर से परीक्षा देते हैं और बेहतर रैंक लाकर आईएएस बनने का प्रयास करते हैं। इसे 'रैंक इम्प्रूवमेंट' कहा जाता है। इस बार के परिणाम में 39 ऐसे उम्मीदवार शामिल हैं जिन्होंने अपनी रैंक में सुधार किया है।


उदाहरण के लिए, तीसरी रैंक प्राप्त करने वाले अकांक्ष धुल पिछले दो वर्षों में भी लिस्ट में थे। 2024 में उन्हें 295वीं और 2023 में 342वीं रैंक मिली थी। इसी तरह इशान आस्था जैन, जीनश्री जसवंत चंद्र और विनीत लोहिदक्षन जैसे कई नाम फिर से सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर इस ट्रेंड पर चर्चा हो रही है।


नए नियमों का प्रभाव

UPSC ने हाल ही में नए नियम लागू किए हैं, जो रैंक सुधार की प्रक्रिया को सीमित कर रहे हैं। अब यदि कोई उम्मीदवार पहले से आईएएस या आईएफएस में है, तो वह बिना इस्तीफा दिए दोबारा परीक्षा नहीं दे सकता। आईपीएस या अन्य ग्रुप-ए सेवा में चयनित उम्मीदवार को केवल एक बार रैंक सुधार का अवसर मिलेगा। इसके बाद आगे के प्रयास के लिए इस्तीफा आवश्यक होगा।


लोगों का मानना है कि इन नए नियमों से ऐसे मामलों की संख्या कम होगी। पहले कई बार चयनित अधिकारी परीक्षा देकर आईएएस बन जाते थे, जिससे नए उम्मीदवारों के लिए सीटें कम हो जाती थीं। अब यह प्रणाली अधिक निष्पक्ष प्रतीत हो रही है।


UPSC परीक्षा की कठिनाई

यह ट्रेंड यह दर्शाता है कि UPSC की परीक्षा कितनी चुनौतीपूर्ण है। कई लोग वर्षों तक मेहनत करते हैं और बेहतर सेवा पाने के लिए जोखिम उठाते हैं, लेकिन नए नियमों से नए उम्मीदवारों को अधिक अवसर मिल सकते हैं।


UPSC 2025 के परिणाम में कुल 958 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं के लिए चुना गया है, जिनमें से कई पुराने चयनितों की रैंक सुधार से आईएएस बनने की संभावना है।