UPSSSC ने प्रतियोगी परीक्षाओं में आधार सत्यापन को अनिवार्य किया
लखनऊ में UPSSSC का नया निर्णय
लखनऊ. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आयोग ने यह तय किया है कि सभी आगामी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा में होने वाली धांधली को रोकना है। आधार सत्यापन के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने की घटनाओं पर रोक लगेगी।
22 सितंबर को इस निर्णय की घोषणा के बाद से नकल माफियाओं में हड़कंप मच गया है। नई व्यवस्था के तहत, परीक्षा केंद्र पर आने वाले अभ्यर्थियों की पहचान आधार से जुड़े बायोमेट्रिक डेटा के माध्यम से की जाएगी। इसमें फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन का मिलान आधार रिकॉर्ड से किया जाएगा, जिससे परीक्षा में बैठने वाले सभी अभ्यर्थियों की पहचान को और अधिक सटीकता से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब देशभर में छात्र आंदोलन चल रहे हैं, जिसमें पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और फर्जी अभ्यर्थियों की समस्याएं बढ़ी हैं। सरकार ने इस दिशा में सख्त कदम उठाए हैं और आगे भी सुधार की योजना है। आधार आधारित सत्यापन लागू होने के बाद, परीक्षा में फर्जी तरीके से बैठने की कोशिश करना पहले से कहीं अधिक कठिन हो जाएगा.