US-Iran Peace Agreement Faces Uncertainty Amid Israeli Strikes
US-Iran Peace Deal in Jeopardy
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अब संकट में है। हाल ही में दोनों देशों के बीच सहमति बनने के बाद भी इजरायल के लेबनान में हमले जारी हैं, जिससे इस डील को अंतिम रूप देने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
इजरायल की बमबारी में कई हताहत
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की, जिसमें कम से कम 18 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। इस स्थिति के कारण अमेरिका-ईरान वार्ता को टाल दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में एक प्रारंभिक शांति समझौते पर सहमति बनी थी, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध को समाप्त करना था। समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई रोकने की बात कही गई थी, लेकिन इसके तुरंत बाद ही इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि इजरायल तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक हिजबुल्लाह का खतरा समाप्त नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि इजरायल की सेना लेबनान में तब तक रहेगी जब तक हिजबुल्लाह का खात्मा नहीं हो जाता।
यूएस-ईरान समझौते के तहत कम से कम 60 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने पर सहमति बनी थी। यदि लेबनान में युद्ध जारी रहा, तो यह समझौता विफल हो सकता है।
स्विट्जरलैंड में तकनीकी बातचीत का कार्यक्रम था, लेकिन इसे रद्द कर दिया गया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस वार्ता की अगुवाई करनी थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा टाल दिया है। व्हाइट हाउस ने इसे व्यवस्था संबंधी दिक्कतें बताया है।
अमेरिका की चिंता
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल को चेतावनी दी है कि अमेरिका अब इजरायल के आक्रामक रुख से संतुष्ट नहीं है और उस पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहा है।