अंतरिक्ष में टॉयलेट की अनोखी तकनीक: नासा के एस्ट्रोनॉट ने साझा किया अनुभव
क्रिस्टीना कोच का स्पेस प्लंबर का अनुभव
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक दिलचस्प वीडियो साझा किया। इस वीडियो में आर्टेमिस 2 मिशन की एस्ट्रोनॉट क्रिस्टीना कोच ने खुद को 'स्पेस प्लंबर' के रूप में पेश किया और बताया कि उन्होंने स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट में आई तकनीकी समस्या को कैसे हल किया।
क्रिस्टीना ने वीडियो में कहा, "मैं स्पेस प्लंबर हूं और मुझे इस पर गर्व है।"
आर्टेमिस 2 मिशन में चार एस्ट्रोनॉट्स चांद की यात्रा पर गए हैं। इस दौरान स्पेसक्राफ्ट के टॉयलेट में कुछ समस्याएं आईं। क्रिस्टीना ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि मोटर में कोई चीज फंस गई है, लेकिन बाद में पता चला कि यह केवल 'प्राइमिंग' की एक छोटी समस्या थी। अब सब कुछ ठीक है और वे आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
अंतरिक्ष में टॉयलेट कैसे काम करता है?
अंतरिक्ष में टॉयलेट के काम करने के तरीके को लेकर लंबे समय से जिज्ञासा बनी हुई है। वैज्ञानिक बताते हैं कि पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण कचरा नीचे गिरता है, लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा संभव नहीं है। इसलिए नासा का यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम (यूडब्ल्यूएमएस) हवा के प्रवाह का उपयोग करता है। यह तेज हवा पेशाब और मल को शरीर से दूर खींचकर सही स्थान पर जमा कर देती है।
यूडब्ल्यूएमएस को आर्टेमिस मिशन के लिए और अधिक प्रभावी बनाया गया है। इसमें ढक्कन उठाते ही हवा का प्रवाह अपने आप शुरू हो जाता है, जिससे बदबू नहीं फैलती। यह सिस्टम पहले के टॉयलेट से 65 प्रतिशत छोटा और 40 प्रतिशत हल्का है। छोटे मिशनों में कचरे को केमिकल से ट्रीट नहीं किया जाता, बल्कि इसे बाद में निपटाने के लिए जमा किया जाता है।
महिला एस्ट्रोनॉट्स के लिए विशेष डिजाइन
टॉयलेट का डिजाइन महिला एस्ट्रोनॉट्स के सुझावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें एक विशेष आकार का फनल और नली का उपयोग पेशाब के लिए किया जाता है, जबकि मल त्याग के लिए सीट का उपयोग किया जाता है। दोनों को एक साथ भी इस्तेमाल किया जा सकता है। सीट छोटी और नुकीली दिखती है, लेकिन कम गुरुत्वाकर्षण में यह शरीर के साथ पूरी तरह से सटकर बैठती है, जिससे सब कुछ सही जगह पर जाता है।
नासा स्पेस स्टेशन पर पानी के लगभग 90 प्रतिशत लिक्विड को रीसायकल करता है, जिसमें यूरिन और पसीना भी शामिल है। यूडब्ल्यूएमएस इस रीसाइक्लिंग सिस्टम के साथ बेहतर तरीके से जुड़ता है, जिससे अधिक पानी का पुनः उपयोग किया जा सकता है।