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अंबाला में निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरने से 6 श्रमिकों की मौत

अंबाला के धूलकोट गांव में एक निर्माणाधीन इमारत गिरने से 6 श्रमिकों की जान चली गई और 13 अन्य घायल हुए हैं। यह हादसा रविवार को हुआ जब इमारत की तीसरी मंजिल पर लैंटर डाला जा रहा था। प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया, जिसमें NDRF और अन्य टीमें शामिल थीं। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

भयानक हादसा अंबाला में


नई दिल्ली. रविवार, 27 सितंबर को अंबाला के धूलकोट गांव में एक गंभीर दुर्घटना हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 50 फीट ऊंची एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक गिर गई, जिससे करीब 30 श्रमिक मलबे में दब गए। इस दुखद घटना में अब तक 6 श्रमिकों की जान जा चुकी है, जबकि 13 अन्य घायल हुए हैं। रात 12 बजे तक मलबे में फंसे श्रमिकों को निकालने का कार्य जारी रहा।


हादसे का समय और कारण

हादसा रविवार को लगभग 2:45 बजे हुआ। बताया गया है कि इमारत की तीसरी मंजिल पर लैंटर डाला जा रहा था, तभी पीछे का लैंटर अचानक गिर गया। इसके बाद दूसरी और पहली मंजिल के लैंटर भी गिर गए और दीवारें भी ढह गईं। फर्स्ट फ्लोर पर 10 से 12 श्रमिक प्लास्टर का काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। इनमें से छह श्रमिकों ने दूसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि अन्य मलबे में फंस गए।


मृतकों की पहचान

मृतकों में राजमिस्त्री राजेंद्र (50), शास्त्री (50), कालिया (50), और रूप सिंह (55) शामिल हैं। रात लगभग 11:30 बजे मलकीत सिंह (55) का शव भी मलबे से निकाला गया। वह डंगडेरा गांव का पूर्व सैनिक और साइट सुपरवाइजर था।


बचाव कार्य में जुटी टीमें

इस घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग, NDRF, SDRF, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंचीं। NDRF के 25 सदस्य भी मौके पर पहुंचे। अंधेरे के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आई, जिसके बाद रोशनी की व्यवस्था की गई। डीसी सचिन गुप्ता और एसपी अजीत सिंह शेखावत सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। निगमायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने बताया कि भवन बिना नक्शा पास कराए बनाया जा रहा था और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग को हादसे का कारण बताया।