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अंबाला में बच्चों का सफल रेस्क्यू: करमभूमि एक्सप्रेस से बचाए गए 10 बच्चे

अंबाला में जिला युवा विकास संगठन ने करमभूमि एक्सप्रेस से 10 बच्चों को रेस्क्यू किया, जो पंजाब में मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे थे। इस अभियान में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने सहयोग किया। बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए उन्हें ओपन शेल्टर होम में भेजा गया है। जानें इस रेस्क्यू की पूरी कहानी और बच्चों की स्थिति के बारे में।
 

अंबाला में बच्चों का रेस्क्यू


अंबाला। जिला युवा विकास संगठन (ZYVS) को 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' से एक गुप्त सूचना मिली कि करमभूमि एक्सप्रेस ट्रेन से कुछ बच्चों को पंजाब में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अजय तिवारी ने तुरंत सीडब्ल्यूसी चेयरपर्सन रंजिता सचदेवा, आरपीएफ अंबाला कैंट, जीआरपी अंबाला कैंट और AHTU स्टेट क्राइम ब्रांच को सूचित किया। इसके बाद, एक संयुक्त टीम ने ट्रेन में चेकिंग अभियान चलाया और 10 बच्चों को रेस्क्यू किया।


बच्चों की स्थिति और सुरक्षा

प्राथमिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के विभिन्न स्थानों पर मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। इसके बाद, जिला युवा विकास संगठन की टीम ने बच्चों से बातचीत की ताकि उनकी सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके। डीडीआर और मेडिकल प्रक्रिया के बाद, सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) अंबाला की चेयरपर्सन रंजीता सचदेवा के समक्ष पेश किया गया। समिति ने निर्णय लिया कि इन बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम, अंबाला छावनी में भेजा जाए।


वर्तमान में, जिला युवा विकास संगठन बच्चों के परिवारों की तलाश कर रहा है। इनमें से कुछ बच्चे नेपाल और कुछ पश्चिम बंगाल के हैं, और पुलिस भी उनके परिजनों का पता लगाने में जुटी है।


रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम

इस रेस्क्यू अभियान में आरपीएफ से इस्पेक्टर रविन्द्र सिंह, एसआई कल्पीर सिंह, जीआरपी से एएसआई मंजीत सिंह, एसपीओ राकेश और AHTU स्टेट क्राइम ब्रांच से एसआई नरेन्द्र कुमार, एएसआई मुकेश कुमार, एचसी जसविंदर सिंह, एल/सीटी सुमन रवीश शामिल थे। जिला युवा विकास संगठन से प्रोग्राम कॉर्डिनेटर अजय तिवारी और टीम के सदस्य हाकम सिंह, हरविंदर सिंह, हरदीप सिंह भी इस अभियान में मौजूद रहे।