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अखिलेश यादव ने आरएसएस प्रमुख पर साधा निशाना, रिटायरमेंट नियमों पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर रिटायरमेंट नियमों को लेकर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिए गए, जो उचित नहीं है। यह बयान भागवत के 75 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के नियमों पर दिए गए बयान के संदर्भ में आया है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी और कहा कि जो लोग अपनी बात से पलटते हैं, उन पर कोई विश्वास नहीं करता।
 

आरएसएस प्रमुख के रिटायरमेंट पर अखिलेश का बयान

आरएसएस प्रमुख का रिटायरमेंट पर बयान: समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत पर रिटायरमेंट के नियमों को लेकर कटाक्ष किया है। उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि जब उनकी बारी आई तो नियमों में बदलाव कर दिए गए। यह दोहरापन उचित नहीं है। यह टिप्पणी भागवत के 75 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट के नियमों पर दिए गए बयान के संदर्भ में आई है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "न रिटायर होऊंगा, न होने दूंगा। जब अपनी बारी आई तो नियम बदल दिए... यह दोहरापन ठीक नहीं है। जो लोग अपनी बात से पलटते हैं, उन पर कोई विश्वास नहीं करता। जो विश्वास खो देते हैं, वे सत्ता भी खो देते हैं।" सपा अध्यक्ष की यह टिप्पणी भाजपा-आरएसएस के 75 वर्ष की अनौपचारिक रिटायरमेंट नियम पर है।

यह ध्यान देने योग्य है कि भाजपा के विरोधी नेता आडवाणी जैसे व्यक्तियों को 75 वर्ष की उम्र में दरकिनार करने का आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, आरएसएस प्रमुख भागवत ने हाल ही में स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जबकि विपक्ष के नेता यह दावा करते रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही 75 वर्ष के हो जाएंगे और रिटायर होंगे।

मोहन भागवत का बयान

आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतिम दिन मोहन भागवत ने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी को रिटायर होना चाहिए। संघ में हमें काम दिया जाता है, चाहे हम चाहें या न चाहें। यदि मैं 80 वर्ष का हूं और संघ कहता है कि जाओ और शाखा चलाओ, तो मुझे करना ही होगा। संघ जो भी कहता है, हम करते हैं। यह किसी की रिटायरमेंट के लिए नहीं है। हम रिटायर होने या काम करने के लिए तैयार हैं, जब तक संघ चाहता है।"