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अग्निवीरों के लिए संभावित सेवा विस्तार: जानें नई योजना के बारे में

भारतीय सेना में अग्निवीरों के लिए एक नई योजना पर विचार किया जा रहा है, जिसमें चार साल की सेवा के बाद दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जा सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अग्निवीरों को कुल छह साल तक सेवा करने का अवसर मिलेगा। इस योजना के तहत सेना में तीन प्रकार के जवानों का विभाजन होगा। जानें इस योजना के बारे में और क्या हैं इसके संभावित लाभ।
 

सेवा विस्तार की नई योजना

नई दिल्ली। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद कुछ अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अग्निवीरों को कुल छह साल तक सेवा करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, इस पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


सरकार की नई योजना का विवरण

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अग्निपथ योजना में केंद्र सरकार कुछ बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से कुछ को दो साल का सेवा विस्तार दिया जा सकता है। यह प्रस्ताव 21 नवंबर से पहले घोषित होने की संभावना है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अग्निवीरों को इसका लाभ मिलेगा।


सेना में कैटेगरी का विभाजन

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो सशस्त्र बलों में तीन प्रकार के जवान होंगे। पहली श्रेणी में चार साल की प्रारंभिक सेवा करने वाले अग्निवीर, दूसरी में दो साल का एक्सटेंशन पाने वाले अग्निवीर और तीसरी में स्थायी सैनिक शामिल होंगे।


अग्निपथ योजना के वर्तमान नियम

भारत सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए की जाती है। मौजूदा नियमों के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने के बाद प्रदर्शन, योग्यता और सेना की आवश्यकताओं के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है।


पहले बैच की सेवा समाप्ति

रिपोर्टों के अनुसार, अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा नवंबर और दिसंबर 2026 में समाप्त होगी। नौसेना का पहला बैच 21 नवंबर, वायुसेना का 21 दिसंबर और थलसेना का 31 दिसंबर तक अपना कार्यकाल पूरा करेगा।

वर्तमान में, इस दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार का प्रस्ताव चर्चा में है। अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा के बाद ही पात्रता, चयन प्रक्रिया और लाभार्थियों की संख्या स्पष्ट हो पाएगी।