अजिंक्य रहाणे ने टेस्ट क्रिकेट में सीनियर खिलाड़ियों की कमी पर जताई चिंता
सीनियर खिलाड़ियों की कमी का असर
नई दिल्ली. भारतीय टेस्ट टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की कमी एक गंभीर मुद्दा बन गई है, जिसका मुख्य कारण अचानक से कई खिलाड़ियों का संन्यास लेना है। कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, खासकर जब रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट से अलविदा लिया। इस विषय पर कई पूर्व क्रिकेटर और प्रशंसक अपनी राय व्यक्त कर चुके हैं। हाल ही में, पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने पिछले हफ्ते इंटरनेशनल क्रिकेट को छोड़ने का निर्णय लिया।
रहाणे ने भारतीय टेस्ट टीम के हालिया प्रदर्शन और इसके भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि एक साथ कई अनुभवी खिलाड़ियों के संन्यास का असर टीम पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भारतीय टीम की लगातार हार का मुख्य कारण भी यही है। गौतम गंभीर के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। न्यूजीलैंड ने भारत को 3-0 से हराकर 12 साल की जीत की लकीर को तोड़ा है। साउथ अफ्रीका ने भी भारत को 2-0 से हराया।
‘टेस्ट क्रिकेट में 7-8 सीनियर की जरूरत’
रहाणे ने एक पॉडकास्ट में कहा, "मेरे अनुभव के आधार पर, टेस्ट क्रिकेट में किसी भी मैच के दौरान 7-8 सीनियर खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है, जबकि 2-3 युवा खिलाड़ियों को होना चाहिए। वर्तमान टीम में अधिकांश खिलाड़ी नए हैं, जिससे अनुभवी खिलाड़ियों की कमी स्पष्ट है।"
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गजों के एक साथ संन्यास लेने से टीम को नुकसान हुआ है। रहाणे ने कहा, "पिछले दो साल से मैं भारतीय टीम की सभी टेस्ट सीरीज को देख रहा हूं। यह एक ऐसा फॉर्मेट है जिसमें केवल टैलेंट की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि मजबूत चरित्र, मानसिक दृढ़ता और कठिन परिस्थितियों में डटकर सामना करने की क्षमता भी चाहिए। आजकल बहुत कम टीमें मुश्किल समय को संयम से खेलकर पार कर पाती हैं।"