अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में किया खुलासा
ऑपरेशन सिंदूर का महत्व
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की उदारता और सहनशीलता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। डोभाल ने कहा कि देश अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी जोखिम को उठाने और कठोर कदम उठाने में सक्षम है, चाहे इसके परिणाम कुछ भी हों।
सैन्य अभियान का उद्देश्य
डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर, जो 88 घंटे तक चला, का मुख्य लक्ष्य उन आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करना था जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि अभियान की योजना पहले से ही बनाई गई थी और कार्रवाई उसी रणनीति के अनुसार की गई।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
पहलगाम हमले के बाद के तनावपूर्ण माहौल को याद करते हुए, डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी विदेश यात्रा को बीच में ही छोड़कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, 'एयरपोर्ट पर हमारी बैठक हुई। सबसे पहले, वह सभी तथ्य जानना चाहते थे। उनका पहला सवाल था कि यह किसने किया है।'
डोभाल ने मोदी के शब्दों को दोहराते हुए कहा, 'हम उनका पीछा करेंगे। चाहे वे ज़मीन पर हों, आसमान में हों, या कहीं और, हम उन्हें माफ नहीं करेंगे।'
भारत की संप्रभुता की रक्षा
डोभाल ने यह संदेश दिया कि भारत किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'एक बार जब यह शुरू हो जाता है, तो हम अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार रहते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जिन आतंकवादियों ने आस्था के आधार पर लोगों को निशाना बनाया, उन्होंने देश की सहनशीलता की सीमा को पार कर दिया।
पाकिस्तान को सख्त संदेश
यह हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। डोभाल ने कहा कि हम चाहते थे कि पाकिस्तान की सेना यह समझे कि आतंकवाद का समर्थन या आतंकवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न कर पाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की बढ़ती तकनीकी और सैन्य क्षमताओं का प्रमाण बताया।