अटलांटिक महासागर में क्रूज पर हंता वायरस का प्रकोप, तीन की मौत
क्रूज जहाज पर हंता वायरस का प्रकोप
अटलांटिक महासागर में एक क्रूज शिप पर संदिग्ध 'हंता वायरस' के प्रकोप के कारण तीन व्यक्तियों की मृत्यु हो गई है। यह जानकारी सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा साझा की गई।
'एमवी होंडियस' नामक यह जहाज अर्जेंटीना से केप वर्डे की ओर यात्रा कर रहा था, जिसमें लगभग 150 यात्री सवार थे। इस दौरान एक गंभीर बीमारी के मामले की पुष्टि हुई है और पांच अन्य संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है।
डब्ल्यूएचओ ने बताया कि वह इस घटना पर नजर रखे हुए है और सहायता प्रदान कर रहा है। कुल छह व्यक्तियों में संक्रमण की आशंका है, जिनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है और एक व्यक्ति दक्षिण अफ्रीका में आईसीयू में भर्ती है।
डब्ल्यूएचओ ने 'एक्स' पर कहा कि अटलांटिक महासागर में चल रहे इस क्रूज जहाज से संबंधित घटना की जानकारी है और वे सहायता कर रहे हैं। अब तक एक 'हंता वायरस' केस की लैब में पुष्टि हुई है और पांच अन्य संदिग्ध हैं। इन छह व्यक्तियों में से तीन की मृत्यु हो चुकी है और एक की स्थिति गंभीर है।
संस्थान ने यह भी बताया कि जांच प्रक्रिया जारी है। मरीजों का उपचार चल रहा है और वायरस की जांच (सीक्वेंसिंग) की जा रही है ताकि इसके बारे में और जानकारी प्राप्त की जा सके।
'हंता वायरस' आमतौर पर चूहों या अन्य कृन्तकों से इंसानों में फैलता है, विशेषकर उनके पेशाब या मल के संपर्क में आने से। यह गंभीर श्वसन संबंधी बीमारी का कारण बन सकता है और कुछ मामलों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।
यह बीमारी गंभीर मानी जाती है और इसमें मरीज को करीबी निगरानी और उचित उपचार की आवश्यकता होती है।
यह प्रकोप 'एमवी होंडियस' नामक एक पोलर क्रूज जहाज पर सामने आया है, जिसे 'ओशनवाइड एक्सपीडिशंस' कंपनी संचालित करती है। जहाज ने 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से यात्रा शुरू की थी और चार मई को केप वर्डे पहुंचने वाला था।
इस जहाज की लंबाई लगभग 107.6 मीटर है और इसमें 170 तक यात्री रह सकते हैं। इसके अलावा, इसमें 57 क्रू सदस्य, 13 गाइड और एक डॉक्टर भी मौजूद होता है।
बीमार व्यक्तियों में एक 69 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं, जो वर्तमान में जोहानेसबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) में आईसीयू में भर्ती हैं।
डब्ल्यूएचओ ने बताया कि वह विभिन्न देशों और जहाज के ऑपरेटर के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि दो बीमार यात्रियों को तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए अन्य स्थान पर ले जाया जा सके और बाकी यात्रियों के लिए भी जोखिम का आकलन किया जा सके।
डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि वह इस मामले की जानकारी संबंधित देशों को दे चुका है और जल्द ही इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा।