अनुराग ढांडा ने चानौत गांव में लाठीचार्ज को बताया लोकतंत्र पर हमला
पानी की मांग पर नायब सरकार का दमन
पानी की बुनियादी आवश्यकता को पूरा करने में असफल नायब सरकार, फिर किस आधार पर चला रही है शासन?: अनुराग ढांडा
आधी रात को महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर हमला करना तानाशाही का प्रतीक है: अनुराग ढांडा
जनता पानी की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी सरकार लाठियों और आंसू गैस का सहारा ले रही है: अनुराग ढांडा
चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हांसी के चानौत गांव में पानी की मांग कर रहे ग्रामीणों पर आधी रात को लाठीचार्ज और आंसू गैस के उपयोग को अत्यंत शर्मनाक और लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बीजेपी सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। जब जनता अपने हक का पानी मांग रही है, तो सरकार समस्या का समाधान करने के बजाय लाठियां बरसा रही है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि यह समझ से परे है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह इस छोटे से मुद्दे को भी संभाल नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण 38 दिनों से पानी की मांग कर रहे हैं, जो कि कोई गैरकानूनी मांग नहीं है। पूरे प्रदेश में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, कई क्षेत्रों में 10-15 दिनों से नल सूखे पड़े हैं, और किसान सिंचाई के संकट का सामना कर रहे हैं। लेकिन सरकार समाधान खोजने के बजाय जनता को डराने और दबाने में लगी हुई है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आधी रात को डेढ़ बजे पुलिस, प्रशासन, जेसीबी और भारी बल के साथ चानौत गांव में जाने की आवश्यकता क्यों पड़ी? यदि सरकार के पास कोई समाधान था, तो दिन में बातचीत क्यों नहीं की गई? रात के अंधेरे में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों पर कार्रवाई करना यह दर्शाता है कि सरकार को अपनी जनता से नहीं, बल्कि अपनी नाकामी उजागर होने से डर है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी सरकार की पुरानी आदत है कि जब भी जनता अपने अधिकारों की बात करती है, तो उसके जवाब में पुलिस भेज दी जाती है। यही हाल किसानों और कर्मचारियों के साथ भी हुआ है, और अब पानी मांग रहे ग्रामीणों के साथ भी यही किया जा रहा है। सरकार जनता को सुविधाएं देने में विफल है, लेकिन लाठीचार्ज करवाने में सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह लगातार यह दावा करते हैं कि हरियाणा विकास कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लोग पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। गांवों में टैंकरों के भरोसे गुजारा हो रहा है, और कई पंचायतें अपने खर्च पर पानी मंगवाने को मजबूर हैं। यह बीजेपी सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलताओं में से एक है।
अनुराग ढांडा ने कहा कि चानौत गांव में हुई कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि नायब सरकार जनता की समस्याएं सुनना नहीं चाहती। जो सरकार पानी नहीं दे सकती और सवाल पूछने पर लाठियां चलाती है, उसे जनता की सरकार कहने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री नायब सिंह तुरंत चानौत गांव के लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों से माफी मांगें, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करें और भाखड़ा के पानी के मुद्दे का स्थायी समाधान निकालें। आम आदमी पार्टी किसानों और ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर इस जनविरोधी और तानाशाही रवैये के खिलाफ पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।