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अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर नागरिक क्षेत्रों में हमले का आरोप लगाया

अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने नागरिक क्षेत्रों में हमले किए हैं, जिससे तीन लोगों की मौत और 14 अन्य घायल हुए हैं। इस घटना के बाद पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज किया है, यह कहते हुए कि ये दावे अफगानिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी को छिपाने के लिए हैं। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।
 

पाकिस्तान के हमले में तीन की मौत, 14 घायल


काबुल : फरवरी से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे पर कई हमले किए हैं, जिसमें कई नागरिकों और सैनिकों की जान गई है।


अफगानिस्तान को इन झड़पों में अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। अप्रैल की शुरुआत में, चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी, जिसमें संघर्ष को बढ़ाने से बचने और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने पर सहमति बनी थी। हालांकि, सीमा पर झड़पें जारी हैं, लेकिन अब उनकी तीव्रता पहले की तुलना में कम हो गई है।


अफगानिस्तान के आरोप

सोमवार को, अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर अपनी सीमा के भीतर हमले करने का गंभीर आरोप लगाया। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जिससे तीन लोगों की मौत और 14 अन्य घायल हुए। अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया पर बताया कि पूर्वी कुनार प्रांत में हुए इन हमलों में दो स्कूल, दो मस्जिदें और एक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं।


पाकिस्तान का जवाब

पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान के ये दावे हाल ही में अफगान क्षेत्र से पाकिस्तान की तरफ हुई गोलीबारी को छिपाने की कोशिश हैं। पाकिस्तान के अनुसार, मार्च और अप्रैल में अफगान सीमा से हुए हमलों में खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर जिले में नौ महिलाओं और बच्चों की जान गई थी।


पाकिस्तान ने कहा कि बाजौर के हमलों ने अफगान शासन की लापरवाही और शर्मनाक हरकतों को उजागर किया है। उन्होंने अफगानिस्तान के ताजा दावों पर तकनीकी सवाल भी उठाए हैं, यह कहते हुए कि जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे तोप के गोलों से हुए नुकसान जैसी नहीं लगतीं। पाकिस्तान का तर्क है कि इमारतों की छतें सुरक्षित हैं और नुकसान केवल कुछ हिस्सों में है, जो यह संकेत देता है कि यह तबाही बनावटी हो सकती है।