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अफगानिस्तान में बम विस्फोट से किशोर घायल, बारूदी सुरंगों का खतरा बढ़ा

अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में एक किशोर बम विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना तब हुई जब लड़के ने एक खिलौने जैसी वस्तु को छुआ, जो दरअसल एक बिना फटा बम था। अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद की समस्या गंभीर बनी हुई है, जिससे कई लोग प्रभावित हो रहे हैं। पिछले एक साल में ऐसे विस्फोटों में कई लोगों की जान गई है। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
 

गजनी प्रांत में बम विस्फोट की घटना


मंगलवार को अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में एक बम विस्फोट में एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस ने बुधवार को साझा की।


घटना गिलान जिले में हुई, जहां एक लड़के ने एक खिलौने जैसी वस्तु पाई और उसके साथ खेलने लगा। अचानक वह वस्तु विस्फोट कर गई, जिससे लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया। यह बताया गया कि यह एक बिना फटा बम था, जो पिछले युद्धों के दौरान बचा था।


अफगानिस्तान उन देशों में से एक है, जहां बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद की समस्या सबसे अधिक है।


पांच मई को परवान प्रांत में भी बिना फटे गोला-बारूद के कारण एक विस्फोट हुआ था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हुए थे। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह घटना बगराम जिले में हुई थी।


तालिबान के अधिकारियों के अनुसार, एक 20 वर्षीय युवक बिना फटे गोला-बारूद के एक टुकड़े को खोलने की कोशिश कर रहा था, तभी विस्फोट हुआ। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लड़कियां और एक लड़का घायल हो गए।


तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से हुए विस्फोटों में कम से कम 96 लोगों की जान गई और 328 लोग घायल हुए।


खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए। इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।


बिना फटे गोला-बारूद अफगानिस्तान में एक गंभीर मानवीय खतरा बना हुआ है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार जैसे प्रांतों में ऐसे हादसों की संख्या अधिक है।


फरवरी में फराह प्रांत में एक घर के अंदर रखा बिना फटा गोला-बारूद फटने से दो लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना पुश्त-ए-कोह जिले में हुई थी।