अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी में फूट, नया गुट CJP-D का गठन
राजनीति में नया मोड़
नई दिल्ली: राजनीति से खुद को अलग रखने का दावा करने वाले अभिजीत दीपके अब विवादों के केंद्र में आ गए हैं। पेपर लीक आंदोलन के दौरान चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) में अब बड़ी दरार आ गई है। पार्टी के प्रमुख सदस्य मनीष ब्रह्मभट्ट ने दीपके का साथ छोड़ते हुए एक नया गुट 'कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक' (CJP-D) बनाने की घोषणा की है। उन्होंने दीपके पर आंदोलन को निजी लाभ के लिए बेचने और संगठन को अरविंद केजरीवाल की टीम में बदलने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मनीष ब्रह्मभट्ट के आरोप
मनीष ब्रह्मभट्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा: 'आंदोलन खत्म होते ही जमीनी कार्यकर्ताओं और छात्रों को नजरअंदाज किया गया। हाल ही में घोषित 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में किसी भी जमीनी कार्यकर्ता या छात्र से सलाह नहीं ली गई।' उन्होंने यह भी कहा कि नई टीम के 8 सदस्य सीधे आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं, जो पूरी तरह से केजरीवाल के राजनीतिक हितों को साधने के लिए बनाई गई है।
CJP-D का नया मॉडल
नई पार्टी CJP-D का उद्देश्य: मनीष ब्रह्मभट्ट ने बताया कि CJP-D को एक सच्चा लोकतांत्रिक संगठन बनाया जाएगा। हर राज्य से स्थानीय आंदोलनकारियों और वॉलंटियर्स में से 5-5 प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र की आवाज को सही तरीके से प्रतिनिधित्व मिल सके।
अभिजीत दीपके का जवाब
दीपके ने आरोपों का खंडन किया: अभिजीत दीपके ने केजरीवाल या किसी अन्य दल के साथ सांठ-गांठ के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्हें कांग्रेस की 'B' टीम कहा जा रहा है, जबकि कुछ अन्य दल उन्हें आम आदमी पार्टी की 'B' टीम मानते हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच पार्टी किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ी है, बल्कि यह केवल छात्रों की 'A' टीम है।
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत
कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना: यह पार्टी महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके द्वारा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के एक बयान के विरोध में एक ऑनलाइन मुहिम के रूप में शुरू की गई थी। इस मुहिम में लाखों युवा और छात्र शामिल हुए, और इसके बाद पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व किया।