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अभिव्यंजना कला प्रदर्शनी का सफल समापन, 2000 से अधिक कलाकृतियों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में आयोजित ‘अभिव्यंजना’ कला प्रदर्शनी का भव्य समापन हुआ। इस प्रदर्शनी में 2000 से अधिक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने इस आयोजन की सराहना की और इसे छात्रों की रचनात्मकता का अद्भुत उदाहरण बताया। प्रदर्शनी में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
 

सुपवा की कला प्रदर्शनी का भव्य समापन

रोहतक: दादा लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (DLCSUPVA) में आयोजित कला प्रदर्शनी ‘अभिव्यंजना’ का समापन रविवार को हुआ। यह प्रदर्शनी पिछले आठ दिनों से चल रही थी और इसने कला प्रेमियों, छात्रों, शिक्षकों और आम जनता को आकर्षित किया। प्रदर्शनी का औपचारिक समापन फ्लैग ऑफ के साथ किया गया, जिसमें यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. गुंजन मलिक मनोचा मुख्य अतिथि रहीं।


प्रदर्शनी का उद्घाटन तीन मई को यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष द्वारा किया गया था। यह प्रदर्शनी अपने 11वें संस्करण में थी और इसे पहले आठ मई तक आयोजित किया जाना था, लेकिन दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए इसे दो दिन और बढ़ाया गया।


समापन समारोह में डॉ. गुंजन मलिक मनोचा ने प्रदर्शनी की सराहना की और सभी छात्रों और स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छात्रों की प्रतिभा और रचनात्मकता का अद्भुत उदाहरण था। हालांकि प्रदर्शनी का औपचारिक समापन दोपहर में हुआ, लेकिन इसे शाम पांच बजे तक आम जनता के लिए खोला गया।


कलाकृतियों की विविधता ने किया आकर्षित

यूनिवर्सिटी के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी और कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी छात्रों की मेहनत का प्रदर्शन करती है। इस बार 300 से अधिक छात्रों की 2000 से ज्यादा कलाकृतियों को प्रदर्शनी में शामिल किया गया, जिसमें पेंटिंग, मूर्तिकला, डिजिटल आर्ट और अन्य प्रकार के आर्टवर्क शामिल थे।


प्रदर्शनी के दौरान कई प्रमुख व्यक्तियों ने भी छात्रों की कला का अवलोकन किया। डॉ. अमित आर्य ने कहा कि भविष्य में इस प्रदर्शनी को और भी बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है, ताकि छात्रों की रचनात्मकता को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बटोरी प्रशंसा

फैकल्टी ऑफ विजुअल आर्ट्स के कोऑर्डिनेटर विनय कुमार ने बताया कि ‘अभिव्यंजना’ केवल एक कला प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि यह सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का मंच भी बनी। प्रदर्शनी में ओपन स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें छात्रों ने डांस, म्यूजिक, गायन और अभिनय का प्रदर्शन किया।


कला प्रेमियों के साथ-साथ कई स्कूलों के छात्रों ने भी प्रदर्शनी का दौरा किया और यहां से प्रेरणा लेकर गए। विनय कुमार ने कहा कि भविष्य में और भी बेहतर आयोजन करने का प्रयास किया जाएगा।