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अमरनाथ यात्रा की शुरुआत, श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना

अमरनाथ यात्रा 2024 का आगाज़ हो चुका है, जिसमें पहले जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल हैं। ये श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं। यात्रा के मार्ग में ऑक्सीजन बूथ और मौसम की जानकारी देने वाली बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था की गई है। जानें इस यात्रा की अन्य विशेषताएं और सुरक्षा उपाय।
 

अमरनाथ यात्रा का आगाज़


श्रीनगर से जानकारी मिली है कि अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा शुक्रवार से आरंभ हो गई है। पहले जत्थे में 4,822 श्रद्धालु शामिल हैं, जो गांदरबल जिले के बालटाल और अनंतनाग जिले के पहलगाम बेस कैंप से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले। ये श्रद्धालु गुरुवार को बेस कैंप पहुंचे थे। जम्मू कश्मीर प्रशासन के अनुसार, पहले जत्थे के साथ सुरक्षा बलों और अन्य व्यवस्थाओं में लगे लोगों को मिलाकर कुल लगभग नौ हजार लोग शुक्रवार शाम तक दर्शन करेंगे।


इस बार यात्रा के मार्ग में हर दो किलोमीटर पर ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं। दोमेल रूट पर चार स्थानों पर बड़ी स्क्रीन के माध्यम से मौसम की जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, बालटाल रूट पर 12 स्थानों पर वाटरप्रूफ डोम बनाए गए हैं। अमरनाथ यात्रा के दो प्रमुख रूट हैं: पुराना रूट 48 किलोमीटर लंबा नुनवान-पहलगाम से है, जबकि दूसरा रूट गांदरबल जिले में 14 किलोमीटर लंबा बालटाल से है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा।


इस बीच, अमरनाथ यात्रा के दूसरे जत्थे में 3,865 श्रद्धालु शुक्रवार देर शाम कश्मीर पहुंचे। इनमें से 1,735 श्रद्धालु 115 वाहनों के माध्यम से बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे हैं, जबकि 2,130 श्रद्धालु 86 वाहनों से पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर आगे बढ़ रहे हैं। शनिवार सुबह इन श्रद्धालुओं को बालटाल और नुनवान-पहलगाम बेस कैंपों से पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया जाएगा। कश्मीर में लगातार बारिश और खराब मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं को दर्शन के बाद तुरंत लौटने की सलाह दी गई है।