अमित शाह का बड़ा कदम: भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा को और मजबूत करने की योजना
नई दिल्ली में सुरक्षा समीक्षा बैठक
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सीमा से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी अवैध निर्माणों को हटाने का आदेश दिया है। मंगलवार को राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में, शाह ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा स्थिति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कठोर कदम उठाने के लिए कहा।
जमीनी हालात का निरीक्षण
इस बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर और फलौदी जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। इसके अलावा, केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। समीक्षा बैठक से पहले, अमित शाह ने सीमा क्षेत्र में एक चौकी का दौरा किया और वहां की जमीनी परिस्थितियों का अवलोकन किया।
360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क की योजना
बैठक में सीमावर्ती जिलों के लिए एक व्यापक "360 डिग्री सुरक्षा फ्रेमवर्क" विकसित करने का निर्णय लिया गया। इस योजना के तहत स्थानीय नागरिकों, राज्य प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। शाह ने कहा कि सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माण, घुसपैठ, ड्रग्स तस्करी, आतंकवादी फंडिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सीबीडीटी और राज्य सरकार की एजेंसियों को मिलकर कार्य करना होगा। अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी को इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को बैंकों में वित्तीय नियमों के पालन की निगरानी करने, संदिग्ध फंडिंग की जांच करने, फर्जी आधार कार्डों की पहचान करने और शेल कंपनियों व म्यूल खातों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए, शाह ने "1930" हेल्पलाइन के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने तीन नए आपराधिक कानूनों को पूरी तरह लागू करने की आवश्यकता बताई ताकि कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।
राजस्थान दौरे के बाद, अमित शाह गुजरात की सीमा का भी निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा, आगामी दिनों में त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की सीमाओं का दौरा करने की योजना भी है, जहां वे सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।