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अमित शाह का बड़ा बयान: घुसपैठियों को भारत से बाहर करने का संकल्प

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अररिया में एक कार्यक्रम के दौरान घुसपैठियों को भारत से बाहर करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि यह केवल चुनावी वादा नहीं है, बल्कि मोदी सरकार की प्रतिबद्धता है। शाह ने सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमणों को हटाने और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर भेजने की योजना का भी उल्लेख किया। इस अभियान का उद्देश्य सीमांचल क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना और नागरिकों की सुविधाओं को बढ़ाना है। जानें उनके अन्य महत्वपूर्ण बयानों के बारे में।
 

अररिया में अमित शाह का उद्घाटन कार्यक्रम

अररिया - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उनकी सरकार एक-एक घुसपैठिए को भारत की भूमि से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल चुनावी वादा नहीं है, बल्कि मोदी सरकार का दृढ़ संकल्प है।


बिहार के अररिया में बॉर्डर आउट पोस्ट 'लेटी' और 'इंदरवा' का उद्घाटन करते हुए, अमित शाह ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के विभिन्न कार्यों के ई-लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क योजना के तहत 556 किलोमीटर लंबी सीमा सड़क को स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 14 खंडों का कार्य पूरा हो चुका है। चार खंडों पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे निगरानी की क्षमता और नागरिकों की सुविधाएं बढ़ेंगी।


उन्होंने एसएसबी की सराहना की, जो सीमा की सुरक्षा का कार्य संभाल रही है। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि दुश्मन तत्वों को सीमा पार करने से रोका जाए। इसके लिए एसएसबी को अपनी सूचनाओं को मजबूत करना होगा और सीमांत गांवों में संवाद को बढ़ावा देना होगा।


अमित शाह ने कहा कि सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में सभी अवैध अतिक्रमणों को हटाया जाएगा और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने बंगाल, झारखंड और बिहार को जनसांख्यिकीय परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में बताया।


उन्होंने सीमांचल की जनता से सहयोग की अपील की और कहा कि घुसपैठिए न केवल चुनावों को प्रभावित करते हैं, बल्कि गरीबों के राशन और युवाओं के रोजगार के अवसरों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। यह अभियान जल्द ही सीमांचल में शुरू होगा।