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अमित शाह का विपक्ष पर बयान: हर सवाल का जवाब देने को तैयार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वह चर्चा में शामिल होंगे, बशर्ते संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दी जाए। विपक्ष ने कई मांगें उठाई हैं, जिनमें 20 जुलाई को हुई पुलिस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण शामिल है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

अमित शाह का विपक्ष के सवालों पर बड़ा बयान


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नीट परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के सभी सवालों का उत्तर देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दी जाए। विपक्ष ने कई दिनों से गृह मंत्री से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।


शाह की चर्चा में भागीदारी

अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष की मांगों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र देना चाहिए। इसके बाद, सरकार दोपहर 3 बजे से अगले दिन दोपहर 3 बजे तक चर्चा के लिए उपलब्ध होगी। शाह ने यह भी कहा कि वह इस चर्चा में स्वयं भाग लेंगे।


सरकार का जवाब देने का आश्वासन

गृह मंत्री ने कहा कि नीट पेपर लीक के मामले में सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। वह विपक्ष के हर सवाल का उत्तर देने के लिए तैयार हैं और यह भी बताएंगे कि विपक्ष संसद की कार्यवाही को क्यों बाधित कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष को तय करना है कि वह चर्चा में शामिल होना चाहता है या नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है।


राहुल गांधी की आलोचना

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 10 अगस्त को कहा था कि विपक्ष और देश को अमित शाह की शिक्षा पर राय में कोई रुचि नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या शाह ने 20 जुलाई को छात्रों पर गोली चलाने का आदेश दिया था। इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जंतर-मंतर पर कोई गोली नहीं चली थी।


विपक्ष की मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि मानसून सत्र की शुरुआत से विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें थीं: 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी, और राम मंदिर के दान में कथित चोरी पर चर्चा।