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अमित शाह ने राहुल गांधी को संसद में चर्चा के लिए चुनौती दी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करनाल में एक जनसभा में कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि वे इस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री को पत्र लिखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निरंतर चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि मतदाता सूची में कई विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।
 

कांग्रेस पर अमित शाह का हमला

करनाल - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि राहुल गांधी इस विषय पर विशेष सत्र बुलाना चाहते हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इसकी मांग करनी चाहिए। सरकार हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है और कांग्रेस को झूठे आरोप लगाने के बजाय संसद में चर्चा में भाग लेना चाहिए।


करनाल में भाजपा द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर के 600 जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है, जिसमें जनता का व्यापक समर्थन मिला है।


राहुल गांधी की निराशा


अमित शाह ने कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। इसके बाद विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। हरियाणा में कांग्रेस ने सत्ता में वापसी का दावा किया था, लेकिन मतगणना के शुरुआती दौर में ही उनकी उम्मीदें टूट गईं। राज्य की जनता ने फिर से भाजपा को जनादेश दिया और नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया।


उन्होंने महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, असम जैसे राज्यों के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि लगातार हार के कारण राहुल गांधी अपनी विफलताओं का ठीकरा चुनाव आयोग और एसआईआर पर फोड़ रहे हैं।


कांग्रेस का संसद में भाग न लेना


गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद की कार्यवाही को बाधित करते हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा में रुकावट डालते हैं। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, लेकिन वहां हंगामा करने के बाद सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा संसद से लेकर गांवों तक कांग्रेस के आरोपों का जवाब देगी।


मतदाता सूची में विसंगतियों का मुद्दा


अमित शाह ने एसआईआर का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में मृत व्यक्तियों, दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो चुके लोगों और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं के नाम जैसी कई विसंगतियां हैं। उनके अनुसार, लगभग 10 करोड़ नामों से संबंधित समस्याएं सामने आई हैं।


उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ऐसे लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है, जिनमें घुसपैठिए भी शामिल हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प स्पष्ट है कि घुसपैठियों की पहचान की जाए, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं और उन्हें देश से बाहर किया जाए।


कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप


अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण का विरोध करके घुसपैठियों को संरक्षण देने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वोट बचाने का नहीं, बल्कि घुसपैठियों को बचाने का प्रयास है।


उन्होंने कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी जवाब मांगा। शाह ने कहा कि चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को बूथ स्तर पर अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने का अवसर दिया था। ऐसे में कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने समय पर अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? उन्होंने मतदाता सूची में उम्र और पारिवारिक विवरण से जुड़ी विसंगतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन त्रुटियों को दूर करना जरूरी है।


जनसभा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्मृति ईरानी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अमित शाह ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारों के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की।